प्रदेश चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने ओक ओवर में सीएम सुक्खू से की भेंट
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हिमाचल में फिलहाल मेडिकल कॉलेजों का स्टेट कैडर नहीं होगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मेडिकल कॉलेज कैडर के विलय के संबंध में यथास्थिति बनाई रखी जाएगी। प्रदेश चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को मुलाकात के दौरान सीएम ने इसके बारे में आश्वस्त किया है।
शीत सत्र के दौरान धर्मशाला में हुई कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेजों का स्टेट कैडर करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। अभी तक मेडिकल कॉलेजों का अपना कैडर है, जिससे मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों के तबादले नहीं होते हैं। स्टेट कैडर होने से डॉक्टरों के तबादले होने थे। इस मामले को फिर से कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार मेडिकल कॉलेजों को सुदृढ़ करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।
चिकित्सा विभाग को सभी मेडिकल कॉलेजों में बेहतरीन उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। सीएम ने शिमला कैंसर अस्पताल में भी सुविधाएं बढ़ाने के उपायों की समीक्षा की है और अधिकारियों को आईजीएमसी शिमला में पैट स्कैन मशीन स्थापित करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सरकारी स्तर पर इनके कैडर के विलय के संबंध में विचार-विमर्श चल रहा था। प्रदेश चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. बलवीर वर्मा और महासचिव डॉ. पीयूष कपिला ने कहा कि उन्होंने सीएम के सामने डॉक्टरों की अन्य मांगें भी रखी हैं।