डाक विभाग में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने का एक और मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। डाक विभाग में बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुई भर्ती को लेकर पूरी प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है। जानकारी के मुताबिक डाक विभाग के निरीक्षक शिमला उपमंडल विजय ने पुलिस को लिखित में शिकायत दी है।
शिकायत में बताया गया है कि नितिन निवासी बारहखड़ी रहेजा, गुरुग्राम का डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक के पद पर चयन हुआ था, लेकिन जब आरोपी के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की गई तो वे फर्जी पाए गए हैं। इसके बाद विभाग ने अपनी ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। इस आधार पर पुलिस ने ग्रामीण डाक सेवक नीतिन के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 465 और 468 के तहत केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। गौर डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवकों के पदों पर हुई भर्ती में फर्जी दस्तावेजों से भर्ती होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। हैरानी इस बात की है कि इसमें ज्यादातर बाहरी राज्यों के युवक की शामिल हैं। जिला शिमला की बात करें तो अभी तक इस तरह के पांच मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें दस्तावेजों की जांच के बाद कर्मचारी के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इसको देखते हुए डाक विभाग अपने स्तर पर प्रदेश भर में हुई नियुक्तियों की जांच कर रहा है।