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Himachal News: फंगस को बेअसर करेगी शिमला मिर्च की नई किस्म, मैक्सिको से लाई किस्म से निकला रोग का तोड़; जानें

Sun, 03 Aug 2025 10:26 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

नौणी विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने मैक्सिको से बेल पीपर की एक जंगली किस्म लाई है। इसे स्थानीय शिमला मिर्च की किस्मों कैलिफोर्निया वंडर और सोलन भरपूर के साथ क्रॉस किया गया है। इससे अब एक ऐसी क्रॉस ब्रीड तैयार की जा रही है, जो इस फंगस को बेअसर कर देगी।
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शिमला मिर्च। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कृषि वैज्ञानिकों ने मैक्सिको से लाई किस्म से स्थानीय शिमला मिर्च को क्रॉस ब्रीड कर इसकी बीमारी का तोड़ निकाला है। शिमला मिर्च की फसल में फाइटोफ्थोरा कैप्सिसी फंगस लग जाए तो इसे यह रातोंरात नष्ट कर देता है। इस पर अनेक बार दवाएं भी असर नहीं करतीं। ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों ने मैक्सिको से बेल पीपर की एक जंगली किस्म लाई है। इसे स्थानीय शिमला मिर्च की किस्मों कैलिफोर्निया वंडर और सोलन भरपूर के साथ क्रॉस किया गया है। इससे अब एक ऐसी क्रॉस ब्रीड तैयार की जा रही है, जो इस फंगस को बेअसर कर देगी।

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बेल पीपर लैंड्रेस सीएम 334 मैक्सिको की एक देसी और जंगली किस्म है। यह फाइटोफ्थोरा कैप्सिसी नामक रोग के प्रति अपनी उच्च प्रतिरोधक क्षमता के लिए जानी जाती है। यह रोग एक फंगस के कारण होता है। फाइटोफ्थोरा कैप्सिसी से पौधों में फाइटोफ्थोरा ब्लाइट रोग पैदा होता है। इससे जड़, तना और फल सड़ जाते हैं। इस प्रयोग को सफलता से करने वाले शोधार्थियों की टीम का नेतृत्व कर रहीं नौणी विवि के बागवानी महाविद्यालय के बायो टैक्नोलॉजी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुपमा सिंह ने कहा कि अभी इस विषय पर प्रयोग चले रहे हैं।

हालांकि, क्रॉस ब्रीड के बाद नई किस्म को पूरी तरह से तैयार करने में अभी कुछ वर्ष लग जाएंगे। मगर क्रॉस कर बनाई गई यह किस्म फाइटोफ्थोरा ब्लाइट से निपटने में सहायक साबित होगी। 

बागवानी विश्वविद्यालय के इस शोध में केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के पादप विज्ञान विभाग के जीव विज्ञान संकाय और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के बायोसाइंसेज विभाग के शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने भी सहयोग दिया।
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ये रहे टीम का हिस्सा...इस प्रयोग और शोध अध्ययन में डॉ. अनुपमा सिंह के अलावा डॉ. संजीव कुमार, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. आयुषी ठाकुर, डॉ. मुनीष शर्मा और डॉ. नेहा ठाकुर ने भाग लिया। इससे संबंधित पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका जर्नल ऑफ जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी में भी छपा है। शिमला मिर्च में फाइटोफ्थोरा कैप्सिसी नामक घातक रोग होने से किसान चिंतित रहते हैं।
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