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हिमाचल: मुकेश अग्निहोत्री बोले- स्क्रैप ठिकाने लगाने के लिए बनाई जाएगी नीति

Mon, 24 Aug 2026 06:20 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में स्क्रैप को ठिकाने लगाने के लिए नीति बनाई जाएगी। सभी विभागों से इस संदर्भ में सूचना एकत्र की जा रही है। 
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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में स्क्रैप को ठिकाने लगाने के लिए नीति बनाई जाएगी। सभी विभागों से इस संदर्भ में सूचना एकत्र की जा रही है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेशभर में सड़कों के किनारे करोड़ों रुपये की मशीनरी बेकार पड़ी है। सभी विभागों की एक कमेटी बनाकर इसके लिए नीति बनाई जानी चाहिए। 

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बाहरी राज्यों में नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों को स्टेट कोटा देने का मामला विचाराधीन
भाजपा विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने विधानसभा में नियम 62 के तहत प्रदेश से बाहर नौकरी व व्यवसाय करने वाले बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों को मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 85 प्रतिशत राज्य कोटे का लाभ देने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के लिए पात्रता नियमों पर पुनर्विचार किया जाए, जिन्होंने 12वीं की पढ़ाई हिमाचल से बाहर पूरी की है और वे दूसरे किसी राज्य के स्टेट कोटे के लिए भी पात्र नहीं हैं। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जवाब में कहा कि यह मामला सरकार के ध्यान में है। मुख्यमंत्री इस बारे में विस्तृत जवाब देंगे।

उपमुख्यमंत्री ने लिखित जवाब में कहा कि मेडिकल और डेंटल प्रवेश की पात्रता शर्तों में समय-समय पर बदलाव होता रहा है। वर्ष 2013 में निजी नौकरी या व्यवसाय के कारण प्रदेश से बाहर रहने वाले बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों को कुछ शैक्षणिक शर्तों में छूट दी गई थी। वर्ष 2018-19 में यह छूट वापस ले ली गई। इसके बाद 2023 में फिर नियमों में राहत दी गई, जबकि 2025 में सरकार ने 2022-23 के प्रॉस्पेक्टस के अनुसार पात्रता शर्तें जारी रखने का निर्णय लिया। मौजूदा नियमों के तहत निजी क्षेत्र में कार्यरत अभिभावकों के बच्चों को निर्धारित चार परीक्षाओं में से कम से कम दो परीक्षाएं हिमाचल के स्कूलों से उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। हालांकि, केंद्र सरकार, रक्षा सेवाओं और अर्धसैनिक बलों में कार्यरत बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों को विशेष छूट का प्रावधान है।
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विधायक बावा ने हिंदू गुज्जर की जगह गुज्जर शब्द मांगा
 विधायक हरदीप बावा ने जाति प्रमाणपत्र में हिंदू गुज्जर की जगह गुज्जर शब्द लिखने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कई सिख गुज्जरों का इस कारण जाति प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। इस वजह से युवा कई लाभों से वंचित रह रहे हैं। जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में इस प्रकार की विसंगतियां मिली हैं। इस कारण ही इसे दुरुस्त करने में समय लग रहा है।

मंडी एमसी से गांवों को बाहर करने का विचार नहीं
 शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नगर निगम मंडी के तहत बैहना और दौंधी वार्ड को दोबारा पंचायत में शामिल करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। विधायक इंद्र सिंह गांधी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि बैहना वार्ड में लंबित चुनाव को करवाने के लिए निर्वाचन आयोग से परामर्श किया जाएगा। ब्यूरो

प्रदेश में 84 हजार से अधिक कैंसर मरीज, दो साल से मामले स्थिर
शिमला। प्रदेश में 10 अगस्त 2026 तक 84 हजार 162 कैंसर मरीजों का इलाज किया गया है। स्वास्थ्य संस्थानों के आंकड़ों के अनुसार कैंसर पीड़ित मरीजों की संख्या पिछले दो वर्षों से लगभग स्थिर है। वर्ष 2023 में 2380 मरीज, 2024 में 2443 और 2025 में 744 मरीज पंजीकृत हुए। सरकार ने राज्य सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। कैंसर के मामलों की रिपोर्टिंग 8 फरवरी 2024 से अनिवार्य की गई है। कैंसर रोधी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डे केयर सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। इन कदमों का उद्देश्य कैंसर उपचार को सुलभ बनाना है।
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प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक विनोद कुमार के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के वरिष्ठ राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों और अस्पतालों में कैंसर की पहचान के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई स्कैन, बायोप्सी और मेमोग्राफी शामिल हैं। इम्यूनोहिस्टोकैमिस्ट्री, एफएनएसी और पीईटी-सीटी स्कैन जैसी विशिष्ट जांचें भी प्रदान की जाती हैं। कैंसर के उपचार के लिए रेडियोथेरेपी, ब्रेकीथेरेपी, कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हमीरपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है। हिमकेयर योजना के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर, न्यू चंडीगढ़ में निशुल्क इलाज की सुविधा भी उपलब्ध है। 
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