उल्लास पोर्टल पर 94,930 शिक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ, जबकि इन्हें पढ़ाने के लिए 19,232 स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता आकलन परीक्षा में भी प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर रहा। तीन परीक्षाओं में 61,542 शिक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 59,896 सफल रहे। सफलता दर 97.3 फीसदी रही। अब सरकार ने 2026-27 तक प्रदेश को 100 फीसदी साक्षर बनाने का लक्ष्य तय किया है। अगले चरण में डिजिटल व वित्तीय साक्षरता, व्यावसायिक कौशल और जीवनपर्यंत सीखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। समारोह में स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और उल्लास के नोडल अधिकारी वीरेंद्र चौहान भी मौजूद रहे।