फेफड़े, स्तन और प्रोस्टेट कैंसर की बीमारियों का आधुनिक तकनीक से इलाज करवाने के लिए अब मरीजों को पीजीआई के चक्कर नहीं काटने होंगे। आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल में ही इन मरीजों का उपचार सस्ती दरों पर किया जाएगा। शिमला के अलावा पूरे प्रदेश भर से इलाज करवाने आए मरीजों का इसका लाभ मिलेगा।
मरीजों को मिलेगा सस्ता इलाज
आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल में आधुनिक लिनेक एक्सीलीरेटर मशीन लगेगी। अब तक मरीजों को निजी अस्पतालों में बीमारी का इलाज करवाना पड़ता था। इसमें मरीजों का दो से लेकर चार लाख रुपये का खर्च आता है। कई बार तो इसका खर्चा और अधिक बढ़ जाता था। ऐसे में अब 24 करोड़ रुपये की लागत से इस मशीन को अमेरिका से मंगवाया गया है।
पीजीआई में आता है इतना खर्चा
कैंसर अस्पताल में मशीन के पहुंचने के बाद इंस्टॉल करने का काम शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि तीन माह में इसे इंस्टॉल कर दिया जाएगा। सस्ती दरों पर मशीन पर विभिन्न बीमारियों की जांच होने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा। पीजीआई में इसकी जांच का खर्च 10 से 15 हजार रुपये के बीच आता है।