आपको चिट्टे की लत है तो घबराएं नहीं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला आएं और 15 दिन में इस लत को छुड़वाएं। नशे के आदी को 15 दिन का कोर्स करना होगा। इलाज निशुल्क होगा। पहले सात दिन में चिट्टे के आदी मरीज के शरीर से उस केमिकल को जड़ से खत्म किया जाएगा, जिससे चिट्टे की तलब महसूस होती है। इसके अगले सात दिन दवाइयों और इंजेक्शन से इलाज होगा।
आईजीएमसी में बुधवार और शनिवार को चिट्टे के पीड़ितों के लिए विशेष ओपीडी शुरू की गई है। सुबह 9:30 से शाम 4:00 बजे तक उपचार किया जा रहा है। चिट्टे की गिरफ्त में छोटी उम्र के बच्चे भी आ रहे हैं। अधेड़ भी चिट्टा ले रहे हैं। नाबालिग शौक-शौक में ही पार्टियों में चिट्टा ले लेते हैं। इसके बाद इसके आदी बनते जाते हैं। महिलाएं और युवतियां भी चिट्टे की गिरफ्त में हैं। नशे के आदी दो से तीन लोग रोजाना इलाज के लिए अस्पताल आ रहे हैं। आईजीएमसी के मनोचिकित्सक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रवि शर्मा ने कहा कि ऐसे लोगों के इलाज के लिए परिवार खुद आगे आएं। इलाज से घबराएं नहीं, जिंदगी पहले की तरह हो जाएगी।