ऐसे में हर्ष महाजन को अब श्रेय लेने की याद आई है, जबकि वे राज्यसभा सांसद होने के बावजूद तथ्यों की जानकारी से अनभिज्ञ हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस परियोजना की रूपरेखा लगभग दो वर्ष पहले तैयार की थी और इसके लिए फंडिंग का प्रावधान जायका से किया गया था। आने वाले समय में सरकार 3,000 करोड़ रुपये से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, क्षेत्रीय अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग भलीभांति जानते हैं कि जब राज्य में पांच वर्ष तक भाजपा की डबल इंजन की सरकार रही, तब स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब थी। प्रदेश के बड़े-बड़े अस्पतालों में भी 20 साल पुरानी मशीनें लगी थीं और मरीजों को इलाज करवाने के लिए प्रदेश से बाहर भटकना पड़ता था। तत्कालीन भाजपा सरकार ने इसकी सुध नहीं ली। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सस्ता, सुलभ और बेहतर इलाज उपलब्ध हो रहा है।