सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में जिला कुल्लू के एक युवक को सत्र न्यायालय से सशर्त जमानत मिल गई है। आरोपी सूरज निवासी बायल-कोयल तहसील निरमंड ने जमानत देने के लिए याचिका दायर की थी।
पुलिस के मुताबिक युवक पर आरोप है कि उसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पैसे ऐंठे और फर्जी ज्वानिंग लेटर जारी कर दिए। इसके बाद युवाओं से लिए पैसों से खुद गोवा की सैर कर आया। सत्र न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए अब उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। आरोपी न्यायिक हिरासत पर कैथू जेल में बंद था।
पुलिस ने उसे 13 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया था। अब अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के बाद उसे 50 हजार रुपये में जमानत मिली है। पुलिस के मुताबिक 8 जुलाई 2024 को आरोपी के खिलाफ छोटा शिमला थाने में 420, 465, 468 के तहत मामला दर्ज है। आरोपी सूरज पर शिकायतकर्ता आशीष कौशल सहित तनुजा, ईशान और सुरेश को एचपीएमसी निगम विहार में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने का आरोप लगा है। इसके लिए आरोपी ने उनके फर्जी और नकली ज्वाइनिंग लेटर तैयार किए थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने धोखाधड़ी की राशि को गोवा की यात्रा पर जाकर खर्च कर दिया था। आरोपी के खिलाफ इसके बाद 25 जुलाई 2024 को भी निरमंड थाने में धारा 420, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत भी मामले पंजीकृत हुए हैं। फिलहाल आरोपी को अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के लिए निजी मुचलके और समान राशि के एक जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहाई के आदेश दिए हैं।