कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को पोषण, स्वास्थ्य तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करवाना के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव योगेश चौहान भी उपस्थित रहे। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच सामूहिक प्रयासों पर जोर देते हुए संयुक्त प्रयास करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल, खंड विकास अधिकारी अर्जिंदर उल्सेरिया, आईजीएमसी की आहार विशेषज्ञ याचना शर्मा, जिला समन्वयक (पोषण) दिव्यांशी शर्मा तथा सीडीपीओ इंदु शर्मा भी मौजूद रहीं। कार्यशाला में संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मिड-डे मील मानक तथा समुदाय स्तर पर बेहतर पोषण व्यवस्थाओं सहित अन्य विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। सुरक्षित भोजन प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा तथा सरकारी योजनाओं की भूमिका को लेकर भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील कर्मी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने भाग लिया। उन्हें पोषण संबंधी समस्याओं की पहचान, समाधान की दिशा में कार्य और जागरूकता को लेकर टिप्स दिए गए। डॉ. कटवाल ने फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कार्यशालाएं नियमति अंतराल में आयोजित करवाई जाएंगी ताकि सरकार की योजनाओं का पात्र लोगों को पूरा लाभ मिल सके।