'बिजली बोर्ड के लिए लेंगे मजबूत फैसले, कर्मचारियों के हितों की नहीं होगी अनदेखी'
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी हमारे परिवार के सदस्य हैं। उन्हें भी बात समझनी होगी। पिछले पांच सालों में जहां सुधार होने चाहिए थे, वहां नहीं हो पाए। ऐसी परिस्थिति न पैदा हो कि बिजली बोर्ड को चलाने में कोई दिक्कत पेश आए। सबसे सस्ती बिजली हम खरीद रहे हैं और सबसे महंगी बेच रहे हैं, उसका युक्तिकरण करने की जरूरत है। बिजली बोर्ड को सामर्थ्यवान बनाना है। लेकिन कर्मचारियों के हित की अनदेखी नहीं होगी। कर्मचारियों को तंग करने की मंशा नहीं है। कर्मचारी यूनियन से बात कर उनसे सुझाव मांगे जाएंगे। 2200 करोड़ रुपये की ग्रांट इन एड दे रहे हैं। रेगुलेटरी कमीशन ने भी कुछ सुझाव दिए हैं कि अगर बोर्ड को अपने पैरों पर खड़ा करना है तो मजबूत फैसले लेने होंगे।