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Himachal News: पिरामिड स्कीमों का जाल फेंक शातिर कर रहे ऑनलाइन ठगी, सीआईडी साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी

Wed, 19 Nov 2025 07:51 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में ठग सोशल मीडिया प्लेटफार्म, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल, मोबाइल एप और फर्जी वेबसाइटों से आकर्षक ऑफर देकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। साइबर सेल के अनुसार यह पूरा मॉडल पिरामिड स्कीम पर आधारित होता है। पढ़ें पूरी खबर...
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साइबर अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। आम लोगों को करोड़पति बनाने का सपना दिखाकर ठगी की जा रही है। राज्य सीआईडी की साइबर सेल ने इस तरह की बढ़ती शिकायतों के बीच लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। बताया गया है कि ठग सोशल मीडिया प्लेटफार्म, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल, मोबाइल एप और फर्जी वेबसाइटों से आकर्षक ऑफर देकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

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पहले छोटे निवेश पर बड़ा रिटर्न का झांसा दिया जाता है। जब व्यक्ति भरोसा कर लेता है तो उसे रेफरल इनकम और मल्टी लेवल इन्वेस्टमेंट के नाम पर अधिक पैसे लगाने के लिए उकसाया जाता है। कई मामलों में शुरू में कुछ रकम वापस कर सिस्टम को विश्वसनीय दिखाया जाता है। जैसे ही निवेशक बड़ी राशि डालता है, ऐप, लिंक और ग्रुप अचानक गायब हो जाते हैं।

साइबर सेल के अनुसार यह पूरा मॉडल पिरामिड स्कीम पर आधारित होता है। इसमें रिटर्न किसी व्यापार से नहीं बल्कि नए लोगों द्वारा लगाए गए पैसे से दिया जाता है। यह मॉडल भारत में गैरकानूनी है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन महीनों में ऐसे मामलों में तेजी आई है। बेरोजगार युवाओं, महिलाओं तथा रिटायर कर्मचारियों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है।
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सीआईडी ने लोगों से अपील की है कि रिटर्न की गारंटी, रेफरल इनकम और दिन में हजारों कमाने जैसे दावों वाली योजनाओं से दूरी बनाएं। किसी भी निवेश से पहले संस्था की पंजीकरण स्थिति, सेबी या आरबीआई स्वीकृति और कानूनी वैधता की जांच अवश्य करें। साइबर सेल ने यह भी सलाह दी है कि किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। ठगी का संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।

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