फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: बच्चे बताएंगे पानी कितना साफ, 2,662 सरकारी स्कूलों में जांच शुरू

Mon, 24 Aug 2026 07:32 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थी अब केवल किताबों में विज्ञान नहीं पढ़ रहे, बल्कि खुद वैज्ञानिक बनकर अपने आसपास के जल स्रोतों की गुणवत्ता भी जांच रहे हैं। 
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों में पानी की जांच शुरू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थी अब केवल किताबों में विज्ञान नहीं पढ़ रहे, बल्कि खुद वैज्ञानिक बनकर अपने आसपास के जल स्रोतों की गुणवत्ता भी जांच रहे हैं। समग्र शिक्षा के जल एवं जलवायु संरक्षण अभियान के तहत प्रदेश के 2,662 स्कूलों में विद्यार्थियों को फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) उपलब्ध करवाई गई हैं, जिनकी मदद से वे वर्ष में तीन बार स्थानीय पेयजल स्रोतों का परीक्षण कर रहे हैं। पानी की गुणवत्ता संबंधी रिपोर्टें जल शक्ति विभाग और संबंधित उपमंडल दंडाधिकारियों के साथ साझा की जा रही हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों को जोड़ने वाली इस पहल को प्रदेश में काफी सराहना मिल रही है। समग्र शिक्षा की इस पहल ने विज्ञान की पढ़ाई को पूरी तरह व्यावहारिक स्वरूप दे दिया है।

विज्ञापन


विद्यार्थी अब जल परीक्षण के माध्यम से पानी की गुणवत्ता, रासायनिक तत्वों और स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को समझ रहे हैं। इससे विज्ञान विषय को लेकर उनकी रुचि भी बढ़ रही है। नई शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में वैज्ञानिक प्रयोग करने का अवसर भी देता है। बच्चे स्वयं परीक्षण कर परिणामों का विश्लेषण कर रहे हैं और पर्यावरणीय चुनौतियों को समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जल गुणवत्ता परीक्षण सिखाना नहीं, बल्कि उनमें जल, पर्यावरण और जलवायु संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

हर स्कूल में शिक्षक भी हुए प्रशिक्षित
समग्र शिक्षा ने अभियान के सफल संचालन के लिए सभी 2,662 स्कूलों को फील्ड टेस्ट किट उपलब्ध करवाई हैं। साथ ही प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक को पेयजल गुणवत्ता परीक्षण और किट के उपयोग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा सोसायटी और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन जल शक्ति विभाग के बीच समझौता ज्ञापन भी किया गया है।
विज्ञापन

जल संरक्षण का संदेश भी दे रहे विद्यार्थी
अभियान केवल पानी की गुणवत्ता जांचने तक सीमित नहीं है। इसके तहत विद्यार्थी और शिक्षक स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पर्यावरणीय संस्थाओं के सहयोग से जल स्रोतों का अध्ययन, सफाई और संरक्षण संबंधी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। स्कूलों में वर्ष में दो बार जल उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी विद्यार्थियों को जल संरक्षण से जोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें