हर स्कूल में शिक्षक भी हुए प्रशिक्षित
समग्र शिक्षा ने अभियान के सफल संचालन के लिए सभी 2,662 स्कूलों को फील्ड टेस्ट किट उपलब्ध करवाई हैं। साथ ही प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक को पेयजल गुणवत्ता परीक्षण और किट के उपयोग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा सोसायटी और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन जल शक्ति विभाग के बीच समझौता ज्ञापन भी किया गया है।
जल संरक्षण का संदेश भी दे रहे विद्यार्थी
अभियान केवल पानी की गुणवत्ता जांचने तक सीमित नहीं है। इसके तहत विद्यार्थी और शिक्षक स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पर्यावरणीय संस्थाओं के सहयोग से जल स्रोतों का अध्ययन, सफाई और संरक्षण संबंधी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। स्कूलों में वर्ष में दो बार जल उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी विद्यार्थियों को जल संरक्षण से जोड़ा जा रहा है।