शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में कहा गया कि यदि किसी विषय में नियमित प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक भी विद्यार्थी नामांकित नहीं होता है, तो संबंधित कॉलेज को विषय और उससे जुड़े शिक्षकों का पूरा विवरण तत्काल उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजना होगा, ताकि आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकें। जिन कॉलेजों में युक्तिकरण के बाद नए विषय स्वीकृत किए गए हैं, वहां तभी प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी जब उस विषय के लिए आवश्यक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाए। बिना संकाय के किसी भी नए विषय में दाखिले की अनुमति नहीं होगी। निदेशालय ने सभी संबंधित शाखाओं को निर्देश दिए हैं कि कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों और परिसंपत्तियों का पुनर्वितरण किया जाए, ताकि आधारभूत ढांचे और शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके। छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक योजनाओं के लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान भी छात्र संख्या के अनुसार किए जाएंगे।