गरावग पंचायत के अंतर्गत बड़वी गांव में हुए भीषण अग्निकांड में आठ परिवारों के दो बड़े मकान जलकर खाक हो गए। इन दो मकानों में 50 कमरे थे, जिनमें रखे जेवरात, कपड़े, जरूरी दस्तावेज़ और घरेलू सामान सहित सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। पीड़ित परिवारों को करीब सात करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
लगभग सात करोड़ रुपये का भारी नुकसान
आग लगले की शुरुआत प्रकाश सावंत के मकान से हुई। अचानक उठे तेज धुएं और लपटों को काबू करने में परिवारजन असमर्थ रहे। कुछ ही मिनटों में आग फैल गई। पीड़ित परिवारों में प्रकाश सांवत, प्रताप सांवत, बालवीर सावंत, सुरेश सांवत, मूरतू देवी पत्नी जोबन दास, राजेंद्र, प्रवीण और अमित के परिवार शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही कोटखाई दमकल विभाग की टीम लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक आग पूरी तरह फैल चुकी थी। इसके बाद चमैन, जुब्बल और रोहड़ू से भी दमकल वाहन पहुंचे और आग को काबू में करने की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। गांव में देर शाम तक जलने की गंध और धुएं के गुबार उठते दिखाई देते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार घटना में लगभग सात करोड़ रुपये का भारी नुकसान आंका गया है। परिवारजन घरों से कुछ भी नहीं बचा सके।
प्रशासन ने दी फौरी राहत
नायब तहसीलदार कोटखाई, कलम सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को फौरी राहत के रूप में प्रति परिवार पांच हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। साथ ही बेघर हुए परिवारों के ठहरने की गांव में ही व्यवस्था कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने इस हादसे को क्षेत्र की हालिया समय की सबसे बड़ी आग की घटना बताया। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए सरकार और प्रशासन से शीघ्र अतिरिक्त मदद की मांग की है।