जानकारी मिलते ही ज्वालामुखी से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पानी के कम प्रेशर के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। बाद में देहरा से बुलाई गई फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। घटना की सूचना मिलते ही ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को पीड़ित परिवार को तत्काल राहत और सहायता देने के निर्देश दिए।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है। समिता चौधरी अपने पति के निधन के बाद पिछले पांच वर्षों से खुद ही टेंट हाउस का संचालन कर रही थीं। उनके परिवार में 13 वर्षीय बेटा गीतांश और 10 वर्षीय बेटी रूहानी हैं। अचानक हुए इस भीषण नुकसान से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। दोनों बच्चे अपनी मां का दुख देखकर फफक-फफक कर रो पड़े। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस संकट की घड़ी में समिता चौधरी को तुरंत आर्थिक सहायता और पुनर्वास मुहैया कराया जाए ताकि वे दोबारा अपने जीवन को संभाल सकें।