अदालत ने राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराने, पेड़ों की कटाई, उनकी आधिकारिक मार्किंग और हरित आवरण में आई कमी पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को होगी।
अर्थ हीलर्स फाउंडेशन की जनहित याचिका में पेश तस्वीरें देखबे के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि पहाड़ों की कटाई और हरित आवरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मौके पर कटे हुए देवदार और अन्य पेड़ों की लकड़ी के ढेर पड़े हुए हैं, जिससे ऐसा लगता है कि वन विभाग इस तबाही की ओर से आंखें मूंदे बैठा है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि सोलन के कई गांवों में हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म्स एक्ट, 1972 की धारा 118 को दरकिनार कर बाहरी लोगों को जमीनें बेची जा रही हैं।