हमीरपुर। देश के युवाओं को आर्य भट्ट और अन्य भारतीय गणितज्ञों के गणित में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान से अवगत होना चाहिए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में शुक्रवार को अंतरिक्ष और व्यावहारिक विज्ञान में गणित पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार सुनील शर्मा ने कहा कि भारतीय गणितिज्ञोंंने पूरे विश्व को गणित का मूल समझाया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत ढांचे को विकसित करने में सतत कार्यशील है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर शिक्षा का हब है और ऐसे अकादमिक सम्मेलनों में स्कूली छात्रों को भी जोडने का परामर्श देते हुए उन्होंने कहा कि इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्ग छात्रों को शिक्षित कर देश सेवा के कार्य में जुटे हुए हैं।
उद्घाटन सत्र में यूनाइटेड अरब अमीरात से प्रो. जीपी राव ने अपने बीज वक्तव्य में भारतीय अंक गणित पद्धति के बारे में विस्तृत जानकारी रखी। उन्होंने भारतीय अंक गणित की महानता के बारे में बताते हुए कहा कि इसने विश्व के अन्य गणितज्ञों का भी मार्गदर्शन किया।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन नई दिल्ली से डा. एसके पाल ने बतौर बीज वक्ता अपना व्याख्यान देते हुए अंतरिक्ष प्रयोग में सुरक्षित संचार विषय पर जानकारी देते हुए जीपीए सिस्टम के महत्व के बारे में बताया। इससे पूर्व प्रधानाचार्य डा. चंदन भारद्वाज ने मुख्यातिथि सुनील शर्मा का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों, शोधार्थियों व छात्रों को शोध की नया मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि गणित और विज्ञान दोनों ही एक दूसरे के साथ जुड़े हुए वहृद विषय हैं। सम्मेलन में इसकी स्मारिका और प्रो. जीपी राव की लिखित पुस्तिका का विमोचन किया गया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अध्यक्ष डा. जीसी राणा ने बताया इस दो दिवसीय सम्मेलन का मूल उद्देश्य शिक्षाविदों, चिकित्सकों, भौतिक वैज्ञानिकों, ज्योतिषविदों, भूवैज्ञानिकों, जीव वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं आदि को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और सामान्य व्यवहााकि विज्ञान में गणित के अनुप्रयोगों पर चर्चा करने के लिए बौद्धिक मंच प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा वित्त पोषित है। सम्मेलन के संयोजक डा. संजय कानूनगो ने बताया कि सम्मेलन में विचार-विमर्श के लिए भारत और विदेशों से प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, गणितिज्ञों, इंजीनियरों, विद्वानों के 182 शोध पत्र 17 तकनीकी सत्रों में पढ़े जाएंगे। प्रथम दिन तुर्कीये से प्रो. हेजल, जेएनयू से गजेंद्र प्रताप सिंह व करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय से डा. केएल वर्मा ने आमंत्रित वक्ता के रूप में व्याख्यान रखे। आयोजन के समन्वयक प्रो. राजेश कुमार, सचिव डा. पूनम शर्मा, प्रो. पवन कुमार, डा. निर्मल सिंह और सलाहकार डा मधुर स्वर मिश्रा, प्रो. विजय कौंडल, डा. अमरजीत लाल, डा. विजय ठाकुर, डा. वैशाली सिंह के साथ ही इस अवसर पर एसडीएम मुनीष सोनी, पीटीए अध्यक्ष पवन कुमार, ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन के सलाहकार कर्नल एडी शर्मा, सुजानपुर कालेज के प्राचार्य डा. एएस बन्याल, धनेटा के प्राचार्य अश्विनी कुमार, नादौन कालेज के प्राचार्य अनिल गौतम, पूर्व प्राचार्य एचएस जम्वाल, पीसी पटियाल और एके आचार्य सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।