हमीरपुर। नवाचार और उद्यमिता पर एक पांच दिवसीय ई-कार्यशाला का उद्घाटन एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने किया। ई-वर्कशॉप का उद्देश्य छात्रों को नवोन्मेषी बनाने और उद्यम फर्मों की स्थापना के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करना है। एनआईटी हमीरपुर के 220 से अधिक छात्रों ने इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण किया है, जो कार्यशाला से लाभान्वित होंगे। इस मौके पर प्रो. अवस्थी ने प्रधानमंत्री की पहल के अनुरूप भारत को आत्मनिर्भर बनाने में चुनौतियों का सामना करने के लिए समय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और संकाय को इस पहल का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि संस्थान नवाचार और उद्यमिता की ओर संस्थान के वार्षिक बजट का एक फीसदी फंड लगाने की योजना बना रहा है जो छात्रों को सामाजिक आवश्यकताओं के आधार पर नवीन परियोजनाओं को लेने में मदद करेगा। उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि वे नौकरी करने की बजाय नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने स्टार्टअप गतिविधि और स्टार्टअप से संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन की दिशा में छात्रों को सुविधा प्रदान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने छात्रों से एक स्टार्टअप कंपनी का दौरा करने और वहां बातचीत करने का आग्रह किया। छात्रों से मुख्यमंत्री की स्टार्टअप योजना में अपने अभिनव विचारों को पंजीकृत करने का आह्वान किया। प्रोफेसर सतेंद्र कुमार टीबीआई महाप्रबंधक गाजियाबाद ने पहले दिन अपने विचार साझा किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं के लिए बहुत सारे व्यवसाय उपलब्ध हैं। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. प्रदीप कुमार और संयोजक डॉ. राजेश शर्मा ने गणमान्य व्यक्तियों और कार्यशाला के प्रतिभागियों का स्वागत किया।