हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिला में प्रदेश सरकार के पहले बजट सत्र को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। प्रदेश सरकार बजट से विद्याथियों, युवाओं और पंचायत और निकाय के प्रतिनिधियों में जहां खुशी है तो वहीं महंगाई से राहत के लिए सरकार की ओर से कोई प्रावधान बजट में न करने से महिलाओं और मजदूर वर्ग में निराशा है।मजदूर : मनरेगा दिहाड़ी 212 से बढ़ाकर 240 की गई है। जनजातीय में 266 से 294 रुपये दिहाड़ी मिलेगी। मजदूरों की दिहाड़ी में 25 रुपए का इजाफा, 350 से बढ़ाकर 375 किया गया है। प्रदेश सरकार का यह निर्णय सराहनीय है लेकिन जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है, उससे निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार को बजट में उचित कदम उठाने चाहिए। जिस तरह से बेरोजगारी बढ़ रही है, उससे युवाओं में तनाव और दबाव दोनों बढ़ रहे हैं। रोजगार की नीति सरल होनी चाहिए।
-कमलेंद्र कुमार, मजदूर
युवा: मत्स्य पालन में 500 युवाओं स्वरोजगार उपलब्ध कराने तथा अलग-अलग सरकारी विभागों में 30 हजार पद भरे जाएंगे। काॅलेजों में वर्ष में दो बार होंगे रोजगार मेले। तकनीकी शिक्षा ड्रोन संचालक, इलेक्ट्रिकल वाहन चालकों को प्रशिक्षण और रोजगार दिया जाएगा। अनाथ बच्चों को कोई भी कोर्स करने के लिए 4 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। प्राइवेट ई-बस और ई-ट्रक खरीदने पर 50 फीसदी अनुदान और सोलर प्रोजेक्ट लगाने पर युवाओं को 40 फीसदी अनुदान दी जाएगी। लोकमित्र केंद्रों की संख्या 5,000 से बढ़ाकर 6,000 की जाएगी।
-चंदन डोगरा, युवा
कृषि
प्रदेश में एवीकाडो, ब्लू बेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ाया जाएगा। कृषि, पशु-पालन को बढ़ावा देने के लिए हिमोन्नति योजना शुरू की गई हैं। 150 करोड़ वहन किए जाएंगे। इसमें दूछ, दाल, मोटे अनाज, खूल व नकदी फसलों को संरक्षण किया जाएगा। ट्रैक्टर खरीद पर 50 फीसदी, कृषि, बागवान, मत्स्य स्टार्ट अप के लिए दो फीसदी की दर से प्रदेश सरकार ऋण देगी। दुग्ध उत्पादनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हिम गंगा योजना चलाएगी। इसमें 500 करोड़ खर्च होंगे। इसके तहत दुग्ध उत्पादक सरकारी सभाओं का गठन किया जाएगा।
-रोशन लाल, किसान
महिला : विधवा महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी योजना घोषणा की गई है। इसके तहत उन्हें अपना घर बनवाने के लिए डेढ़ लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसमें बिजली और पानी मुफ्त मुहैया करवाया जाएगा। लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन कर बेटियों को भी अलग इकाई बनाया जाएगा। अनाथ, अर्धनाथ, स्पेशल अक्षम 27 वर्ष तक के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना और सरकार ही माता, सरकार ही पिता योजना शुरू की गई है। इस पर 101 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास के लिए 2233 करोड़ का बजट प्रावधान सराहनीय कदम है।
-सरोज, महिला
महिला : बढ़ती महंगाई ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सब्जियों और अनाज की कीमतों में कई गुणा वृद्धि हो रही है। आम परिवारों को अपने परिवार का पालन पोषण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार ने महंगाई को कम करने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया। महिलाओं के लिए रोजगार प्रदान करने के लिए कोई विशेष योजना नहीं है। सरकार को तो प्रत्येक महिलाओं को 1500-1500 रुपये देने के चुनावी वायदे से भी भागती नजर आ रही है।
-वीना कपिल, महिला
कारोबारी : सिंगल विंडो सिस्टम रद्द कर नई औद्योगिक निवेश नीति प्लग एंड प्ले लागू होगी। राजस्व विभाग में ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा पूरे प्रदेश में उपलब्ध कराई जाएगी। छोटे व्यापारियों को कम ब्याज पर लोन देने की घोषणा की है। कारोबारियों के लिए बीमा और आर्थिक सहायता योजना लानी चाहिए। हालांकि प्रदेश के छोटे कारोबारियों को जीएसटी और ई-कॉमर्स से काफी नुकसान हो रहा है। इसलिए सरकार को इस बारे में उचित कदम उठाने चाहिए।
-अश्वनी जगोता, कारोबारी।
शिक्षा : प्रदेश भर में राजीव गांधी माॅडल डे बोर्डिंग स्कूल खोले जाएंगे। इनमें प्राइमरी से जमा दो तक के छात्रों को इंडोर और आउटडोर खेल गतिविधियों की पूर्ण सुविधा मिलेगी। स्वीमिंग पुलों का भी स्कूलों में निर्माण होगा। स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण होगा। स्कूलों में नए वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे। 10 हजार मेधावी छात्रों को टेबलेट्स मिलेंगे। नियमित अध्यापकों को भी टेबलेट्स दिए जाएंगे। सभी सरकारी स्कूलों में जहां बच्चे जमीन पर चटाई पर बैठते हैं, उन्हें डेस्क दिए जाएंगे। 20 हजार मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी लेने के लिए 25 हजार रुपये अनुदान राशि दी जाएगी।
-प्रदीप ठाकुर, मुख्याध्यापक, राजकीय उच्च पाठशाला डुग्घा।
खेल : खेल होस्टल में खिलाड़ियों की डाइट मनी 120 से बढ़ाकर 240 रुपये कर दी गई है। इसमें 8,828 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बिलासपुर खेल हास्टल को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाएगा। प्रदेश में नशा एवं मादक पदार्थ मुक्त अभियान चलेगा। नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ा कानून लाया जाएगा। प्रदेश सरकार की यह सराहनीय पहल है। जिससे युवाओं को नशे से बचाने में मदद मिलेगी। क्योंकि वर्तमान में कई युवक नशे के जंजाल में फंसते जा रहे हैं, जिससे न केवल उन्हें बल्कि उनके अभिभावकों को भी परेशानी हो रही है।
-अभय, युवा
अर्थशास्त्री : प्रदेश सरकार का वर्तमान वित्तीय स्थिति एवं देनदारियों के मद्देनजर ये श्रेष्ठ बजट है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस बजट में राज्य को ग्रीन एनर्जी स्टेट में विकसित किया जाना एक नई पहल है। प्रत्येक विधान सभा में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोलने से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी। मॉडल बोर्डिंग स्कूल, महाविद्यालयों में रोजगार मेले, तकनीकी संस्थाओं में आधुनिक कोर्सेज प्रारंभ करना सराहनीय है। किसानों, बागवानों, पशुपालकों एवं मत्स्य क्षेत्र में सरकार ने विशेष ध्यान देकर समावेशी विकास करने का प्रयास किया है।
-प्रोफेसर बीके जुनेजा, अर्थशास्त्री।