दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार 21 व 22 फरवरी को यज्ञोपवीत संस्कार आयोजित किया जाएगा। बाबा बालक नाथ मंदिर के महंत राजेंद्र गिरि ने दो वर्ष पूर्व इस परंपरा को शुरू किया। इस यज्ञोपवीत संस्कार में 108 बटुक भाग लेंगे।
यज्ञोपवीत संस्कार में भाग लेने के लिए लोग न केवल हिमाचल, बल्कि अन्य राज्यों से भी यहां पहुंचते हैं। इसमें आठ से 12 वर्ष की आयु के बटुकों अर्थात बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार किया जाएगा। यज्ञोपवीत संस्कार के तहत 21 फरवरी को कर्णवेद, मुंडन, यज्ञोपवीत व सावित्री दीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जबकि 22 फरवरी को वेदारंभ, भिक्षाटन, समावर्तन, नित्यचर्या-नियमोंपदेश संस्कार पूर्ण किया जाएगा।
यह संस्कार सुबह आठ बजे शुरू होगा, जो 22 फरवरी को दोपहर एक बजे तक आयोजित किया जाएगा। महंत राजेंद्र गिरि ने बताया कि यह संस्कार सनातन धर्म की पहचान हैं, लेकिन वर्तमान समय में लोग इन्हें भूलते जा रहे हैं। ऐसे में इनके प्रति लोगों को जागरूक करना अनिवार्य है। कर्णवेद सुबह आठ शुरू हो जाएगा, जबकि मुंडन संस्कार सुबह दस बजे तथा यज्ञोपवीत दोपहर एक बजे व सावित्री दीक्षा दोपहर दो बजे होगी।
इसके बाद 22 फरवरी को वेदारंभ सुबह आठ बजे, भिक्षाटन सुबह दस बजे, समावर्तन पूर्वाह्न 11:30 बजे तथा नित्यचर्या दोपहर एक बजे होगी। यह यज्ञोपवीत संस्कार महंत निवास पर ही पूर्ण किया जाएगा।