हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर के तहत मुख्य बाजार में मालवाहकों में सफर कर रहे लोग पुलिस कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठा रहे हैं। पुलिस कर्मी भी मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे हैं और कार्रवाई करने से पल्ला झाड़ रहे हैं।
पुलिस की सुस्ती के चलते सामान के साथ मजदूर भी इन्ही मालवाहकों में सफर कर रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित इस बाजार में प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां पर जरा सी लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।
नियमों को दरकिनार कर मालवाहक वाहनों में मजदूर जान को जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं, लेकिन पुलिस के जवान कार्यवाही करने के बजाय आंखे मूंदकर बैठे हैं। नियमों के अनुसार किसी भी मालवाहक वाहन में केवल सामग्री को ही ढोया जा सकता है। इसमें केवल चालक के साथ एक व्यक्ति को सफर करने की अनुमति होती है, लेकिन हमीरपुर में कानून की धज्जियां उड़ाते हुए पिछले हिस्से में लोगों को बैठाया जा रहा है।
सवाल यह है कि पुलिस नियमों से भलीभांति अवगत होने के बाद भी इन पर नकेल कसने की हिम्मत नहीं दिखा पा रही है। पुलिस के आला अधिकारी भी केवल कार्रवाई करने का आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ते नजर आते हैं। बाजार में इस तरह के वाहन रोज देखे जा सकते हैं।
इन मालवाहक वाहनों में लोहे का सामान भी ढोया जाता है। ऐसे में इन मजदूरों की जान जोखिम में पड़ सकती है। राहगीर राजेश कुमार, पवन कुमार और संजय कुमार का कहना है कि कुछ वाहनों में लोहे की सामग्री को भी सुरक्षित ढंग से नहीं ले जाया जाता है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाए।
कोट
बिगड़ैल चालकों पर पुलिस शिकंजा कस रही है। मालवाहक वाहनों में लोगों को ले जाने वाले चालकों को जागरूक किया जाएगा और उन्हें निर्देश दिए जाएंगे कि वह मालवाहकों में मजदूरों को न ले जाएं।
-राजेश कुमार, एएसपी हमीरपुर