सुबह टेस्ट करवाए, दिन भर इंतजार और शाम को बिना ऑपरेशन वापस लौटा दी महिलाएं। नसबंदी ऑपरेशन करवाने बड़सर अस्पताल पहुंचीं 40 महिलाओं को दिन भर इंतजार के बाद शाम को बिना ऑपरेशन घर भेज दिया गया।
यहां तक कि ऑपरेशन के लिए महिलाओं के टेस्ट भी करवा दिए गए थे। मंगलवार को अस्पताल पहुंची 70 महिलाओं में से 30 के ही ऑपरेशन हुए। शेष महिलाओं और उनके तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया है।
प्रबंधन ने मंगलवार नसबंदी ऑपरेशन के लिए अस्पताल से करीब 20 से 30 किमी दूर की कुल 70 महिलाओं को नसबंदी ऑपरेशन के लिए बुलाया। महिलाओं के टेस्ट होने के बाद दोपहर को डॉक्टर ने 30 महिलाओं के ऑपरेशन करने की बात कही।
शेष 40 महिलाओं को बिना ऑपरेशन वापस लौटा दिया। बड़सर अस्पताल में ऑपरेशन को आई महिलाओं और तीमारदार शशिबाला, मधु, संजीव कुमार, डिंपल, राजीव, रजनी, मीनाक्षी, रेखा, अर्चना, विद्या देवी, मंजू शर्मा का कहना है कि आशा वर्कर उन्हें ऑपरेशन के लिए लेकर आईं।
सुबह से गाड़ी का इंतजाम करके अस्पताल पहुंचे। सभी टेस्ट होने के बाद उन्हें बिना ऑपरेशन घर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल में ऑपरेशन करने की पर्याप्त सुविधा नहीं है तो ज्यादा महिलाओं को नहीं बुलाना चाहिए।
बीएमओ एचआर कालिया का कहना है कि 15 दिसबंर तक 70 महिलाओं को नसबंदी ऑपरेशन की जानकारी जिला अस्पताल को भेजी थी। एक चिकित्सक के आने से 30 ऑपरेशन ही होना संभव था। ऑपरेशन के लिए पहुंची महिलाओं को तीन जनवरी के लिए बुलाया है।
सीएमओ हमीरपुर सावित्री कटवाल का कहना है कि एक चिकित्सक को नसबंदी ऑपरेशन के लिए बड़सर अस्पताल भेजा था। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि ऑपरेशन के लिए कितनी महिलाएं तैयार होंगी। ऐसे में अधिक महिलाओं को बुलाया जाता है।