बरसात शुरू होते ही जिला मुख्यालय सहित अन्य कस्बों में पेयजल संकट गहराना शुरू हो गया है। मौसम साफ न होने पर दिक्कतें और भी बढ़ सकती है। बारिश के चलते ब्यास नदी उफान पर है। इसके चलते ब्यास नदी में भारी मात्रा में सिल्ट आ रही है।
ऐसे में ब्यास नदी की पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। इससे हमीरपुर, सुजानपुर और नादौन सहित अधिकतर गांवों में आगामी तीन दिनों तक पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। हमीरपुर की पेयजल योजनाएं नदी नालों पर निर्भर है।
सुजानपुर और नादौन कस्बे में ब्यास नदी से पानी लिफ्ट होता है। अधिकतर गांवों को भी इसी नदी से पेयजल की आपूर्ति होती है। बारिशों के चलते ब्यास में भारी मात्रा में सिल्ट आ रही है।
सिल्ट युक्त पानी की लिफ्ट करने से आईपीएच विभाग की करोड़ों रुपये की मशीनरी खराब हो सकती है। ऐसे में विभाग ने ब्यास से पानी लिफ्ट करने वाली पेयजल योजनाओं को बंद कर दिया है।
हमीरपुर में रोजाना 50 से 55 लाख लीटर पेयजल की खपत होती है। ऐसे में तीन दिनों तक पेयजल योजनाओं के ठप होने से जिला में पेयजल संकट गहरा सकता है।
आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश धीमान का कहना है कि ब्यास नदी में सिल्ट आने से पानी लिफ्ट नहीं किया जा रहा है। इससे पेयजल की आपूर्ति प्रभावित रहेगी।