हमीरपुर। सोमवार रात को हुई बारिश के कारण जल शक्ति विभाग की 47 पेयजल योजनाएं बाधित हो गई हैं। इस कारण कई जगहों पर जल संकट बना हुआ है।
सुजानपुर में ब्यास नदी पर पलाही में स्थित हमीरपुर टाउन पेयजल योजना से जिला मुख्यालय में जलापूर्ति होती है। बीते दिन से यह पेयजल योजना ठप है। इस कारण मंगलवार को हमीरपुर शहर में पानी नहीं पहुंचा। वहीं, बुधवार को हमीरपुर शहर में पानी आने पर संशय बना हुआ है। गाद अधिक होने से पेयजल योजनाएं ठप हैं। पानी को लिफ्ट नहीं किया जा रहा है।
जल शक्ति विभाग नादौन मंडल के तहत कोहला कलूर, बड़ा चौडू सहित अन्य पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। जल शक्ति विभाग के एसई नीरज ने बताया कि पेयजल योजनाओं को जल्द ही बहाल कर लिया जाएगा। वहीं, बिजली मंडल हमीरपुर के 81 ट्रांसफार्मर बारिश के कारण बंद हो गए। सात से अधिक बिजली के खंभे टूट गए हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई हैं।
बिजली बोर्ड का दावा है कि अधिकतर ट्रांसफार्मरों से बिजली सप्लाई बहाल हो गई है। उन्होंने बताया कि जहां पर बिजली के खंभे टूटे थे, वहां पर नजदीकी बिजली के खंभों से बिजली सेवा बहाल की गई है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के एसई विजय चौधरी ने बताया कि सभी मार्ग आवाजाही के लिए बहाल हैं। टौणी देवी में एक मार्ग कुछ समय के लिए बंद हुआ था। इसे भी बहाल कर लिया गया है।
दो कच्चे घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त
डीसी अमरजीत सिंह ने बताया कि 24 घंटों में बारिश के कारण गंगोट और कनोह में दो कच्चे घर पूरी तरह से टूट गए हैं। वहीं, चार कच्चे घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि चार गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। जिलावासी विशेष ऐहतियात बरतें और नदी-नालों के पास न जाएं। भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से भी दूर रहें। भारी बारिश में घर से बाहर निकलने का जोखिम न उठाएं।