जाहू (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश में ग्राम पंचायत जाहू के बाशिंदों को मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद निशुल्क पानी नहीं मिलेगा। लोगों को पानी का बिल भरना होगा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने हिमाचल दिवस पर बिजली की 125 यूनिट निशुल्क और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का बिल माफ करने की घोषणा की है, लेकिन जाहू पंचायत में चलने वाली पेयजल योजना का संचालन पंचायत खुद करती है। यह पेयजल योजना जल शक्ति विभाग के अधीन नहीं है।
जिला हमीरपुर की जाहू पंचायत तीन जिलों हमीरपुर, मंडी और बिलासपुर का संगम स्थल है। यहां पानी का बिल माफ नहीं होगा। जाहू पंचायत में करीब सात सौ पेयजल कनेक्शन हैं। इनका बिल ग्रामीण पंचायत को देते हैं। बिल के पैसों से योजना के कर्मचारियों को वेतन भुगतान होता है। पंचायत पेयजल स्कीम को सरकार और विभाग के अधीन करने के बारे में कई बार पत्राचार कर चुकी है, परंतु सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई न होने के कारण यह पेयजल योजना पंचायत के अधीन ही रह गई है। पंचायत में पांच हजार के करीब जनसंख्या है।
जाहू पंचायत की प्रधान अनुराधा शर्मा का कहना है की जाहू पेयजल योजना का संचालन पंचायत अपने खर्चे पर करती है। पहले जाहू में नलवाड़ मेला होता था, जिससे लाखों रुपये की आय होती थी परंतु अब पंचायत को कोई अन्य आय नहीं है। सरकार को कई बार पेयजल योजना को अपने अधीन करने के बारे में पत्राचार किया परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। हिमाचल प्रदेश में पानी के बिलों को माफ करने की घोषणा की गई है, लेकिन जाहू में बिल माफ नहीं होंगे। इस लाभ को यहां के लोगों को देने के लिए सरकार को चाहिए कि जाहू पंचायत की पेयजल योजना को अपने अधीन ले। ऐसा नहीं किया तो पंचायत को मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी होगी। संवाद