हमीरपुर। बस अड्डा हमीरपुर के बाहर करीब दो माह से खोखों को पक्की दुकानों में शिफ्ट करने के मामले ने जोर पकड़ लिया है। प्रशासन की ओर से खोखा धारकों को दिया गया सुलह वार्ता का समय अब खत्म हो गया है। अभी तक कुल 58 में से करीब एक दर्जन खोखे ही नई पक्की दुकानों में शिफ्ट हो पाए हैं। जबकि, करीब एक दर्जन खोखाधारक शिफ्ट होने को तैयार नहीं हैं। करीब दस साल पहले लाखों की लागत से शॉपिंग कांप्लेक्स में पक्की दुकानों का निर्माण हुआ था। पूर्व में खोखा मार्केट वाली जमीन की निशानदेही करवाई गई थी। जिसमें पूरी जमीन लोक निर्माण विभाग की निकली थी। इसके बाद खोखाधारकों को वहां से हटाने के लिए तीन बार नोटिस जारी किए गए थे।
नोटिसों के बाद जनवरी माह में 48 खोखाधारकों ने पक्की दुकानों में शिफ्ट होने के लिए एसडीएम हमीरपुर को शपथ पत्र सौंपे थे। लेकिन, एक दर्जन खोखाधारक अभी तक अड़े हुए हैं। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि अगर दो दिन के भीतर सभी खोखाधारक पक्की दुकानों में शिफ्ट न हुए तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिसके बाद खोखाधारकों में हड़कंप मचा हुआ है। इस बारे में एसडीएम हमीरपुर डॉ. चिरंजी लाल चौहान का कहना है कि सभी खोखाधारकों को पक्की दुकानों में शिफ्ट होने के लिए दो दिन की मोहलत दी गई है।