भोरंज के सुधरियाण में खैर कटान मामले की जांच करती विजिलेंस की टीम।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। पेड़ कटान का लाइसेंस लेकर हमीरपुर जिले में वन विभाग की आंखों में धूल झोंक अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है। उपमंडल भोरंज के सधरियाण में निजी भूमि पर बिना अनुमति के खैर के 195 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी। जबकि, ठेकेदार ने वन विभाग से खैर के 98 पेड़ों को काटने की अनुमति ले रखी थी। गुप्त सूचना के आधार पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर की टीम ने मौके पर पहुंच मामले की तफ्तीश की।
विजिलेंस ब्यूरो ने दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि संबंधित ठेकेदार ने वन विभाग से 98 पेड़ों को काटने की अनुमति ले रखी थी लेकिन, मौके पर 195 पेड़ कटे हुए मिले। सौ से अधिक खैर के पेड़ों के ठूंठ जड़ों समेत उखाड़ कर छिपा दिए गए। विजिलेंस टीम ने शिकायत की पुष्टि होने के बाद ठेकेदार के खिलाफ हिमाचल प्रदेश प्रिवेंशन ऑफ स्पेस्फिक क्रॉप्ट प्रैक्टिसिज एक्ट में मामला दर्ज किया है। विजिलेंस की यह कार्रवाई वीरवार रात को शुरू हुई जो शुक्रवार देर शाम तक चलती रही। विजिलेंस ने काटे गए खैर के पेड़ों की सारी लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है। उधर, वन विभाग की डीएफओ डॉ. एलसी बंदना का मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने और शिवरात्रि की छुट्टी के चलते उनसे इस मामले में बात नहीं हो पाई। हालांकि, नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री समेत अन्य कांग्रेसी नेता समय-समय पर अवैध कटान के आरोप प्रदेश भाजपा सरकार पर लगाते रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का फोन बंद रहने से इस तरह के मामलों की गुप्त सूचना देने और इन मामलों का पर्दाफाश कैसे होगा, यह समझ से परे है।
गुप्त सूचना पर की कार्रवाई
विजिलेंस को गुप्त सूचना मिली थी कि भोरंज के सधरियाण में अवैध कटान हो रहा है। सूचना मिलने के बाद विशेष टीम का गठन कर मौके पर जांच की गई। विजिलेंस ने पाया कि ठेकेदार ने 98 पेड़ों की परमिशन ले रखी थी, जबकि मौके पर 195 पेड़ कटे हुए मिले।