उपमंडल नादौन की प्राथमिक पाठशाला कंडरोला के क्षतिग्रस्त भवन से ही ग्रामीणों ने जबरन सड़क निकाल दी। भवन के मलबे को कुछ लोगों ने संपर्क मार्ग पर डालना शुरू कर दिया। हालांकि, यहां से एक संपर्क मार्ग पहले से है लेकिन संकीर्ण होने से बड़े वाहन नहीं गुजरते थे।
इसके चलते मुख्याध्यापक के बार-बार मना करने के बावजूद वीरवार को लोगों ने गिराए गए भवन की नींव तक खोद डाली। गांव को जाने के लिए इस स्थान पर जितनी चौड़ी सड़क की जरूरत थी। उतना काम उन्होंने उसी गिराए गए भवन के मलबे से पूरा कर लिया।
एक रसूखदार व्यक्ति ने पहले ही इस स्कूल भवन को गिराने की अनुमति मांगी थी। वह स्कूल के इस कमरे को गिराकर दूसरे स्थल पर बनाना चाहता है ताकि गांव की सड़क चौड़ी हो सके। बीते 17 मार्च को रातोंरात स्कूल का एक भाग अज्ञात लोगों ने जेसीबी मशीन से गिरा दिया। रसोई बनाने का सारा सामान भी मलबे में दब गया था। अब बच्चों को मिड डे मील का खाना खुले आसमान के नीचे बनाया जा रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी-
स्कूल हैड टीचर सुमन बाला और अध्यापक रंजीत ने कहा कि वीरवार सुबह गांव के कुछ लोग आए और गिराए गए भवन का मलबा जबरन सड़क पर बिछाना शुरू कर दिया। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस तथा आला अधिकारियों को दे दी। तीन माह पहले ही यह सरकारी भूमि शिक्षा विभाग के नाम पर की गई है। स्कूल का गिराया गया कमरा 2008 में ही बनाया गया था।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी एचआर जसवाल ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप शिक्षा निदेशक इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मामला पहले ही विभाग के पास विचाराधीन है। सरकारी भूमि पर किसी व्यक्ति को निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।