ग्राम पंचायत सौर के मनसूही गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण को लेकर ग्रामीणों और बाल विकास परियोजना अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। राशि मंजूर होने के बावजूद भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं बन पाया है। आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए एक साल पहले 4.50 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
मई 2012 में मनसूही उपरली के लोगों ने सरकार से आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की मांग की थी। लोगों ने आंगनबाड़ी केेंद्र बनाने के लिए भूमि भी दान दे दी। इसके बावजूद भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं बना। सरकार ने मार्च 2016 में सीडीपीओ बिझड़ी को आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दिया और सीपीएस इंद्रदत्त लखनपाल ने कार्य शुरू करने का आदेश भी। इसके बाजवूद सीडीपीओ कार्य शुरू नहीं करवा पाए।
ग्रामीणों राजेश कुमार, दौलत राम, सोमा देवी, नरेश कुमार, सूहड़ू राम, लाल चंद, कमलेश कुमारी, जगदीश चंद, अर्चना देवी, प्रेमदास, जगत राम, सुखदेव, धर्मचंद और विपिन कुमार ने सीडीपीओ पर आरोप लगाया कि वह गांव के कुछ लोगों के कहने पर कार्य शुरू करने में आनाकानी कर रहे हैं।
लोगों ने जिलाधीश हमीरपुर से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य जल्दी शुरू करवाया जाए। ग्राम पंचायत मनसूही के प्रधान यशवंत सिंह ठाकुर ने बताया कि भवन निर्माण कार्य के आरंभ करने के बारे में कई बार सीडीपीओ को कहा लेकिन भवन निर्माण नहीं हुआ।
सीडीपीओ बिझड़ी जीत राम चौधरी का कहना है कि गांव के कुछ लोग उस जमीन पर भवन बनाने के पक्ष में नहीं हैं। कारण यह कि मंझली और निचली मनसूही को यह जगह दूर पड़ती है। ग्राम सुधार सभा से फैसले लेने के लिए कहा है। सभी ग्रामवासी इस जमीन पर भवन निर्माण के लिए मानते हैं तो निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।