हमीरपुर बस स्टैंड के बाहर खोखों को हटाने के लिए पहुंचे लोनिवि के अधिकारियों और खोखा धारकों से से ?
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हमीरपुर। एचआरटीसी बस स्टैंड हमीरपुर के बाहर सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने पहुंचे लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद और पुलिस के अधिकारियों के तेज धूप में पसीने छूट गए। जैसे ही विभागों के कर्मचारी और जेसीबी हमीरपुर बस स्टैंड के बाहर पहुंची, वैसे ही खोखा धारक दुकानों से बाहर निकल कर जेसीबी के आगे लेट गए।
खोखाधारकों के विरोध के कारण प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन खोखाधारक नहीं माने और दोपहर बाद तक जेसीबी के आगे बैठे रहे। इसके चलते खोखों और खोखों के आगे अतिक्रमण हटाने की मुहिम ठप पड़ गई। हमीरपुर बस स्टैंड के बाहर 58 खोखाधारक थे। जिला प्रशासन ने बीते वर्ष हमीरपुर बस स्टैंड के बाहर बनाए खोखों को हटाकर दुकानदारों को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल के खेल स्टेडियम की सीढ़ियों के नीचे बनाए शॉपिंग मॉल में शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। इस योजना के तहत प्रशासन ने खोखों को हटाने से पहले तीन बार नोटिस भी दिए थे। शॉपिंग कांप्लेक्स में शिफ्ट होने के इच्छुक दुकानदारों से आवेदन मांगे थे। इस बीच कुछ दुकानदारों ने नई दुकानों के लिए आवेदन कर दिया, लेकिन दो दर्जन दुकानदार अड़े रहे। प्रशासन ने एक दर्जन से अधिक खोखों को हटाकर उन्हें पक्की दुकानों में शिफ्ट कर दिया। लेकिन खोखाधारकों को पक्की दुकानें आवंटित करते समय क्रम का जरा भी ध्यान नहीं रखा।
इसके चलते कुछ खोखाधारक उच्च न्यायालय पहुंच गए। न्यायालय ने प्रशासन को निर्धारित समय के भीतर उचित फैसला करने के आदेश दिए थे। खोखा मार्केट यूनियन के प्रधान वीरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि सभी दुकानदार मांग कर रहे हैं कि जिस क्रम मेें खोखे बने थे, उसी क्रम में उन्हें पीछे बनी मार्केट में पक्की दुकानें दी जाएं। लेकिन प्रशासन ने आगे-पीछे दुकानें आवंटित कर दीं, जिसका वह विरोध कर रहे हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता विवेक शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए भेजा गया है। जिसका दुकानदार विरोध कर रहे हैं, लेकिन शीघ्र ही अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।