हमीरपुर। बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर के पास से गुजरने वाले वाहनों की जल्द ही ट्रैकिंग होंगी। वाहन की स्पीड से लेकर गाड़ी की अन्य जानकारी एप पर मिलेगी। इसके लिए बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर के चार विद्यार्थी आईओटी एचओडी के साथ प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट का करीब 50 फीसदी काम पूरा हो गया है। जानकारी के मुताबिक संस्थान के आईओटी विभाग के एचओडी पंकज ठाकुर के साथ चार विद्यार्थी शिवम सेन, शिवांस ठाकुर, सौरभ ठाकुर और नितिन चौधरी ऑटोमेटिक व्हीकल नंबर प्लेट रिकॉगनेशन प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं। इसके लिए एक विशेष एप भी तैयार की जा रही है। इसमें गाड़ी के बारे में जानकारी मिलेगी और एप पर मैसेज आएगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत संस्थान के आसपास कैमरे भी लगाए जाएंगे। यहां से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान कर उनका डेटा तैयार किया जाएगा। कैमरे किसी भी वाहन के गुजरते ही उसकी फोटो खींचेंगे और नंबर प्लेट को डिटेक्ट करेंगे। इसके बाद वाहन की पहचान और उसकी स्पीड का पता लगाया जा सकेगा।
कैमरे से ली गई फोटो एक सिंगल बोर्ड कंप्यूटर में सेव होगी, जिसे एटीएम कार्ड के आकार का छोटा कंप्यूटर भी कहा जाता है। इसमें पहले से इंस्टॉल प्रोग्राम अपने आप उस फोटो और नंबर प्लेट से जुड़े डेटा को एक्सेल शीट में ट्रांसफर कर देगा। सिस्टम के जरिए कैमरे की नजर में आने वाले हर वाहन का डेटा लगातार बनता रहेगा।
सीसीटीवी कैमरे में सीमित समय तक डेटा रहेगा सुरक्षित
हालांकि संस्थान परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन सीसीटीवी कैमरों में सीमित समय तक का ही डेटा सुरक्षित रहता है। किसी खास दिन का रिकॉर्ड निकालने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन इस नए प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद वाहन संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहेगी। इससे कैंपस के पास से गुजरने वाली हर गाड़ी पर नजर रखना आसान हो जाएगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत डेटा भी प्राप्त किया जा सकेगा।
-ऑटोमेटिक व्हीकल नंबर प्लेट रिकॉगनेशन प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से वाहनों की ट्रैकिंग आसान होगी।
-चंद्रशेखर, प्रधानाचार्य, बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर