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उपमंडल के बाजारों में सब्जी विक्रेताओं की मनमानी

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गारली (हमीरपुर)। एक तरफ कोरोना वायरस के चलते लागू कर्फ्यू के कारण लोगों का कारोबार और रोजगार बंद है। वहीं, दूसरी तरफ सब्जियों के दाम आसमान पहुंच गए हैं। सब्जी मंडी हमीरपुर की ओर से निर्धारित किए गए थोक भाव और परचून भाव के बीच जमीन आसमान का अंतर है। उपमंडल के बिझड़ी, धंगोटा, महारल, सलौणी और अन्य बाजारों में दुकानदार सब्जियों के दाम मनमर्जी से वसूल रहे हैं। बिझड़ी व साथ लगते बाजारों में टमाटर 100 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। जबकि, थोक मंडी में इसका रेट 45 से 55 रुपये चल रहा है। 32 रुपये किलो मिलने वाला प्याज 50 से लेकर 70 रुपये तक बेचा जा रहा है। मैहरे व भोटा बाजार में टमाटर 40 से 60 रुपये तथा प्याज 40 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। लोग केवल 10 किलोमीटर के अंतर पर कीमतों में इतने अंतर का कारण समझ नहीं पा रहे हैं।
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ढटवाल के सब्जी विक्रेता ऊना बंगाणा के एक थोक विक्रेता से सब्जी लेते हैं। घर द्वार सब्जी मिल जाने के कारण उनको महंगे दामों पर आगे बेचा जा रहा। जिसका खामियाजा आम लोग उठा रहे हैं। यही नहीं इलाके की दुकानों में रेट लिस्ट भी गायब है। अगर दिख भी जाए तो उसे पढ़ना मुश्किल होता है। लोगों बुद्धि सिंह, सुरेश कुमार, जीवन शर्मा, विक्रम पठानिया, शकुंतला देवी, सीमा शर्मा और अर्पणा ठाकुर ने प्रशासन से मांग की है कि दुकानदारों को हर सामान पर अलग से मूल्य प्रदर्शित करने के आदेश दिए जाएं तथा दोगुने दामों पर सब्जियां देने वालों को सबक सिखाया जाए। नियमों के अनुसार सब्जी विक्रेता क्यू फार्म पर प्रदर्शित रेटों पर 5 फीसदी ही लाभ ले सकते हैं। उधर, एसडीएम बड़सर प्रदीप कुमार के अनुसार इस तरह की शिकायत पहले भी मिली हैं। जल्दी ही बाजारों के दौरा करके मनमानी कर सब्जियां बेचने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
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