नादौन (हमीरपुर)। नगर पंचायत नादौन में वीरवार को वाल्मीकि जयंती श्रद्धा-भक्ति एवं हर्षोल्लास से मनाई गई। वाल्मीकि मंदिर में श्रद्धालुओं ने वीरवार सुबह विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान महर्षि की शोभा यात्रा निकाली गई। झांकियों के साथ भक्तगण उनकी भक्ति में नाचते, गाते और झूमते हुए आगे बढ़ते रहे। इस दौरान महर्षि वाल्मीकि तथा श्रीराम के भजन भी गाए गए। महर्षि वाल्मीकि ने अपनी विख्यात रचना महाग्रंथ रामायण के सहारे प्रेम, तप, त्याग इत्यादि दर्शाते हुए हर मनुष्य को सद्भावना के पथ पर चलने के लिए मार्गदर्शन दिया है। इसलिए उनका यह दिन एक पर्व के रूप में मनाया जाता है। महर्षि वाल्मीकि का जन्म महर्षि कश्यप और अदिति के नौवें पुत्र वरुण और उनकी पत्नी चर्षणी के घर में हुआ। महर्षि वाल्मीकि के भाई महर्षि भृगु भी परम ज्ञानी थे। नादौन में वाल्मीकि समुदाय ने यह पर्व धूमधाम से मनाया।