कोरोना सैंपल देने के बाद भी ड्यूटी देते रहे ट्रैफिक पुलिस कर्मी
9 को रिपोर्ट आई है पॉजिटिव, हमीरपुर की जनता को खतरे में डाला
लैब के लिए सैंपल देने के बाद दो दिन तक यातायात ड्यूटी देते रहे पुलिस जवान
ट्रैफिक कंट्रोल रूम के छह, थाना हमीरपुर से दो, भोटा सहायता कक्षा का एक कांस्टेबल पॉजिटिव
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर।
कोरोना काल में मास्क न पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना पर आम जनता का चालान काटने वाली हमीरपुर पुलिस ने ही जिले की जनता को संकट में डाल दिया है। कोरोना जांच के लिए सैंपल देने के बाद खुद को आईसोलेट करने के बजाय 9 पुलिस जवान फील्ड में ड्यूटी देते रहे। बुधवार रात को 23 कोरोना संक्रमितों में से 9 कोरोना संक्रमित पुलिस जवान शामिल हैं। इनमें 6 ट्रैफिक पुलिस के जवान और तीन पुलिस थानों से हैं। जिला मुख्यालय में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और मोटर वाहन नियमों की अवहेलना करने पर यह पुलिस जवान शहर के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। कुछ पुलिस जवानों ने शहर में घूम-घूम कर नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के चालान भी काटे हैं।
पुलिस विभाग में अपने सहयोगियों, परिवार के सदस्यों के अलावा जिन वाहन चालकों के दस्तावेज जांचे गए और चालान किए, वह भी इन कोरोना संक्रमित जवानों के संपर्क में आए हैं। एक तरह से पुलिस ने कोरोना संक्रमण फैलाने का काम किया है। इससे इनके प्राथमिक संपर्क में आए लोगों की सूची लंबी हो सकती है। पुलिस जवानों का कहना है कि कोरोना जांच के लिए सैंपल देने की सूचना उन्होंने अपने विभाग के उच्चाधिकारियों को दी थी। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकाल (एसओपी)के मुताबिक सैंपल देने के बाद आईसोलेट एवं क्वारंटीन होना चाहिए था। इसके बावजूद पुलिस जवानों को ड्यूटी पर तैनात रखा। वहीं, कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (एसओपी) को लेकर जिला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग आमने-सामने हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसओपी के मुताबिक सैंपल देने वाले व्यक्ति को रिपोर्ट आने तक आइसोलेट होना पड़ता है लेकिन, पुलिस विभाग के आलाधिकारी कह रहे हैं कि इस तरह की एसओपी की उन्हें कोई सूचना नहीं है।
क्या कहते हैं अधिकारी-
सीएमओ हमीरपुर डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि कोरोना जांच के लिए सैंपल देने वाले व्यक्ति को एसओपी के तहत रिपोर्ट आने तक क्वारंटीन होना पड़ता है ताकि, लोगों को कम्युनिटी स्प्रेड से बचाया जा सके। पुलिस जवानों ने सैंपल देने के बाद क्यों एसओपी की अवहेलना की, इस बारे में उपायुक्त से बात की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने कहा कि पुलिस जवानों के रैंडम सैंपल लिए थे। किसी मेें कोई लक्षण नहीं थे। सैंपल देने के बाद भी पुलिस जवान ड्यूटी दे सकते हैं। एसओपी में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि सैंपल देने के बाद ड्यूटी नहीं दे सकते। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी इस बारे में कोई सूचना नहीं दी है।
उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा ने कहा कि कोरोना सैंपल देने के एसओपी के मुताबिक सैंपल रिपोर्ट आने तक व्यक्ति को क्वारंटीन और आईसोलेट होना पड़ता है ताकि, अन्य व्यक्ति कोरोना संक्रमण की चपेट में न आए। पुलिस जवानों को क्यों क्वारंटीन नहीं किया गया, इस बारे में जांच की जाएगी।