फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: बाबा बालक नाथ डिग्री कॉलेज की जमीन का ट्रस्ट को मिला मालिकाना हक

विज्ञापन
विज्ञापन
बिझड़ी (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ डिग्री कॉलेज की जमीन का कई दशकों से अधर में लटका मामला आखिरकार हल हो गया है। मंदिर ट्रस्ट को अब जमीन का मालिकाना हक मिल गया है। उत्तरी भारत के प्रमुख सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ के अधीन चलने वाले डिग्री कॉलेज को 17 कनाल 12 मरले भूमि चकमोह निवासी 41 हिस्सेदारों ने दान की है। अब दान की गई इस भूमि का मालिकाना हक कॉलेज को मिलने से कई विकासात्मक कार्यों को गति मिल सकेगी।
विज्ञापन


यह कॉलेज 1984 में ब्रह्मलीन महंत शिवगिर ने मंदिर के सौजन्य से शुरू करवाया था। तब मंदिर ट्रस्ट के अधीन नहीं था। मंदिर में अधिकांश संस्थाएं जनहित में ब्रह्मलीन महंत शिवगिर के कार्यकाल में चली थीं, जिनमें मॉडल स्कूल, डिग्री कॉलेज, हाई स्कूल के साथ बिजली पानी की स्कीमों के साथ सड़कें, सरायें बनी थीं। ब्रह्मलीन महंत की ओर से इस कॉलेज के संचालन के बाद बड़सर के ढटवाल क्षेत्र में शिक्षा की क्रांति आई। 16 जनवरी 1987 को बाबा बालक नाथ मंदिर की व्यवस्था सरकार ने अपने हाथों में लेकर यहां एक ट्रस्ट का गठन किया। कॉलेज महंत की ओर से स्थानीय लोगों के सहयोग से मौखिक तौर पर ली गई भूमि पर घिसट-घिसट कर चलता रहा। जब जमीन ही कॉलेज के नाम नहीं थी तो ट्रस्ट यहां कोई भी प्रोफेशनल कोर्स नहीं चला सका। यह कॉलेज 47 कनाल 6 मरले भूमि पर चला था। इसमें से 5 कनाल 13 मरले पर ट्रस्ट ने कॉलेज के भवन बनाए लेकिन ब्रह्मलीन महंत शिवगिर द्वारा मौखिक तौर पर दान करवाई गई भूमि पर मालिकाना हक का पेच फंसा रहा। 44 वर्षों तक मामला लटका रहा। मंदिर कमिश्नर एवं डीसी हमीरपुर हेमराज बैरवा की टीम मंदिर ट्रस्ट चेयरमैन एसडीएम बड़सर रोहित शर्मा व मंदिर अधिकारी धर्मपाल नेगी के प्रयासों के चलते सामाजिक सहयोग से इस कॉलेज के लिए 17 कनाल 12 मरले भूमि दान करवाने के कारण ट्रस्ट को मालिकाना हक मिला है। अभी भी 25 कनाल 7 मरले पर हिस्सेदारों का मालिकाना हक है, लेकिन भूमि दानियों के आगे आने के चलते अब इस भूमि को भी दान में मिलने की उम्मीद जगी है। मंदिर ट्रस्ट कमिश्नर एवं डीसी हमीरपुर हेमराज बैरवा ने कहा कि स्थानीय समाज के सहयोग से भूमि दान की गई है। कॉलेज को मालिकाना हक मिलने के बाद इस कॉलेज में शिक्षा की नई क्रांति आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें