मेडिकल कॉलेज की आपातकालीन ओपीडी के बाहर तंबाकू उत्पादों को फैंकने के लिए लगे डस्टबीन। संवाद
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर परिसर में तंबाकू उत्पाद ले जाने पर रोक लगाई गई है। बकायदा मेडिकल कॉलेज के प्रवेश स्थानों पर डस्टबिन रखे गए हैं। इन डस्टबिनों में तंबाकू उत्पादों को फेंका जा रहा है। परिसर को तंबाकू मुक्त बनाने की पहल की गई है।
प्रवेश स्थलों पर सुरक्षा कर्मियों की ड्युटी लगाई गई है। सुरक्षा कर्मी परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों से तंबाकू उत्पादों को छोड़ने की अपील भी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोजाना 1000 से 1500 के करीब ओपीडी होती है। कई मरीज भी मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन होते हैं। अकसर यह शिकायतें रहती हैं कि कुछ तीमारदार मेडिकल कॉलेज परिसर में तंबाकू उत्पादों का प्रयोग करते हैं। इस कारण मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
हालांकि परिसर में इन उत्पादों का प्रयोग करने पर मनाही है तथा जुर्माने का भी प्रावधान है, लेकिन इसके बाद भी लोग तंबाकू उत्पादों को ले जाते हैं। मेडिकल कॉलेज के तीन से चार एंट्री प्वाइंट में तंबाकू उत्पादों को फेंकने के लिए डस्टबिन रखे गए हैं। इन एंट्री प्वाइंट पर जब भी तंबाकू प्रयोग करने वाले तीमारदार गुजर रहे हैं, तो सुरक्षा कर्मी उनसे उत्पादों में बीडी, सिगरेट आदि को डस्टबिन में फेंकने का आग्रह कर रहे हैं। दो से तीन दिनों के भीतर एंट्री प्वाइंट में इस आग्रह को लिखित में चस्पां किया जाएगा। उधर, मरीजों ने मेडिकल कॉलेज की इस पहल का धन्यवाद भी किया है।
कोट
मेडिकल कॉलेज परिसर में तंबाकू उत्पादों के प्रयोग पर रोक है। मेडिकल कॉलेज की एंट्री प्वाइंट पर डस्टबिन लगाए हैं। सुरक्षा कर्मी लोगों से इन डस्टबिनों में तंबाकू उत्पादों को फेंकने का आग्रह कर रहे हैं।
-डॉ. देसराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
मेडिकल कॉलेज की आपातकालीन ओपीडी के बाहर तंबाकू उत्पादों को फैंकने के लिए लगे डस्टबीन। संवाद