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बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को ई-पास अनिवार्य

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चबूतरा जहां से श्रद्धालु कर पाएंगे बाबा जी की पवित्र गुफा के दर्शन। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि सरकार ने 10 सितंबर से धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्णय लिया है। इसके दृष्टिगत हमीरपुर जिले में धार्मिक स्थलों के संचालन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिले के दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ई-पास बनवाना होगा। इसके लिए मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट को ई-कोविड पास के पंजीकरण के लिए बनाई गई वेबसाइट के साथ लिंक किया जा रहा है।
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इससे बाहरी राज्यों के श्रद्धालु ई-कोविड पास वेबसाइट के माध्यम से ही बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शनों के लिए भी ई-पास बनवा सकेंगे। 65 वर्ष से अधिक आयु, अन्य किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे तथा जुकाम, बुखार और खांसी जैसे लक्षण वाले व्यक्ति धार्मिक स्थलों पर न जाएं। धार्मिक स्थल/परिसर में प्रवेश करने पर हाथ अच्छी तरह धोएं या सैनिटाइज करें।
बाबा बालक नाथ मंदिर में प्रवेश द्वार नंबर एक, गेट नंबर-6, 2 और बाहर जाने वाले गेट नंबर-5 में श्रद्धालुओं को पानी और साबुन उपलब्ध करवाया गया है और मंदिर परिसर के विभिन्न स्थानों पर भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। थूकने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। मंदिर परिसर में भेंट सामग्री चढ़ाना, प्रसाद और चरणामृत बांटना, पवित्र जल का छिड़काव प्रतिबंधित है। श्रद्धालु को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना भी आवश्यक है।
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मंदिर प्रतिदिन प्रात: 6.00 खुलेगा और सायंकाल 7.00 बजे बंद होगा। प्रतिदिन लगभग 500 श्रद्धालुओं को गुफा/मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जाएगी। श्रद्धालुओं को दर्शन करने के बाद 15 मिनट में गेट नंबर-5 से होकर परिसर से बाहर जाना होगा। जिला प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की है कि वे अति आवश्यक होने पर ही मंदिर इत्यादि में आएं, अन्यथा वे घर बैठकर ही लाइव दर्शन/आरती में शामिल हो सकते हैं।
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