हमीरपुर। लोक निर्माण विभाग हमीरपुर आजकल बैक डोर से टेंडर जारी करने को लेकर सुर्खियों में है। विभाग में पूर्व में भी बिना टेंडर के लाखों के काम करवाए जा चुके हैं। अब लोक निर्माण विभाग के हमीरपुर डिवीजन में इस तरह का एक और मामला सामने आया है।
लोक निर्माण विभाग ने डॉ राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर परिसर में कोविड-19 मरीजों के लिए प्रस्तावित मेकशिफ्ट कोविड अस्पताल की साइट डेवलपमेंट के 3.42 लाख के कार्य के लिए 5 जुलाई सोमवार को टेंडर फार्म जमा करवाने और दोपहर तक टेंडर अवार्ड करने की तिथि जारी की है, लेकिन इसी बीच साइट डेवलपमेंट का कार्य रविवार को ही शुरू करवा दिया गया है। युवा कांग्रेस हमीरपुर के अध्यक्ष अश्वनी कुमार और इंटक अध्यक्ष अमित रजत ने लोक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इन सारे कारनामों की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है।
अश्वनी और अमित रजत ने बताया कि उन्होंने बीते माह भी उपायुक्त हमीरपुर को एक ज्ञापन सौंपकर टेंडर से पूर्व करवाए गए लाखों के कार्यों की जांच की मांग उठाई थी, लेकिन अभी तक कोई सख्त कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने भी मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश विजय खाची, राज्यपाल, लोक निर्माण विभाग के सचिव और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो को लिखित में शिकायत पत्र भेजकर लोक निर्माण विभाग हमीरपुर में हो रहे भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की मांग उठाई है।
इस शिकायत के बाद प्रदेश के मुख्य सचिव और मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग हमीरपुर ने अधीक्षण अभियंता हमीरपुर को मामले की जांच करने के लिए कहा है। इसी बीच मेडिकल कॉलेज में साइट डेवलपमेंट का कार्य बिना टेंडर करवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। उधर, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता डीएस देहल ने कहा कि इस मामले में अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता हमीरपुर से रिपोर्ट मांगी जाएगी।