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मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं, इसे ध्यान में रख करें कर्म : एएसपी

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अमर उजाला के  पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में एएसपी हमीरपुर राजेश व विद्यार्थी।
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पुलिस की पाठशाला
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कहा, सभ्य नागरिक से अपराध मुक्त समाज का निर्माण संभव, परिवार अहम कड़ी
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में मंगलवार को पुलिस की पाठशाला में किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इसे ध्यान में रखें और अपना कर्म करें। गलत कार्य न करें। परिवार, समाज और पुलिस के सहयोग से ही समाज में अपराध को रोका जा सकता है। यह बात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि सभ्य समाज का विकास करके ही समाज से अपराध को कम किया जा सकता है। माता पिता को चाहिए कि जब उनके बच्चे शाम को बिना किसी कारण के घर से बाहर जा रहे हैं तो उनसे पूछें कि वह कहां और क्यों जा रहे हैं। यदि खेलने आदि जा रहे हैं तो जाने दीजिए लेकिन अगर ऐसे ही इधर-उधर बैठे रहते हैं तो उन्हें रोकें और उन्हें किसी कार्य में व्यस्त करें ताकि वह बुरी संगति से बच सकें और नशे की चपेट में भी न आएं। किसी भी व्यक्ति की तीन अति महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। पहली अपनी और परिवार की जिम्मेदारी, दूसरी समाज के प्रति और तीसरी आजीविका की प्राप्ति होती है। समाज में व्यवस्था बनाना नागरिक व पुलिस दोनों का कर्तव्य है। व्यवस्था का ही प्रतिबिंब पुलिस है। नशे से बचाव के लिए माता-पिता को अपने बच्चों का ख्याल रखना होगा और उन पर नजर रखनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से बचाव करने के तरीके बताए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से विद्यार्थियों ने सवाल भी किए और एएसपी ने उनको जवाब देकर संतुष्ट भी किया। शिक्षक अरविंद व अनिल ने अपने विचार रखे। प्रधानाचार्य सुनील चौहान ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया है।
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बच्चों के सवाल और पुलिस अधीक्षक के जवाव

सवाल : विद्यार्थी अर्शिया प्रश्न पूछती हैं कि समाज में क्यों महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और रेप आदि होते हैं। ऐसे अपराधियों के लिए क्या कार्रवाई होती है।

उत्तर- पुलिस की ओेर से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। कोई भी महिला जिसके साथ अपराध हो रहा है तो तुरंत पुलिस को सूचना दे सकती है। इसके लिए कई एप और हेल्पलाइन नंबर भी हैं।

सवाल : विद्यार्थी सेजल सवाल पूछती हैं कि अक्सर पुलिस की ओर से पकड़े गए व्यक्तियों को कोर्ट में जमानत पर छोड़ दिया जाता है। ऐसा क्यों?
उत्तर- ऐसा नहीं होता है। किस व्यक्ति ने कौन सा अपराध किया है, उसके आधार पर ही उसको जमानत मिलती है। इसके लिए रिश्वत अथवा अन्य कारण नहीं होते हैं। नियमों के तहत सभी को सुनवाई का अधिकार है।
सवाल : विद्यार्थी निश्चय कहते हैं कि शाम को अक्सर परिवार के साथ घूमने जाते हैं तो नशेड़ी सड़कों पर घूम रहे होते हैं। उन नशेडिय़ों को तो डर नहीं लगता लेकिन जो अन्य लोग वहां पर होते हैं उन्हें डर लगता है कि ये कोई गलत हरकत न कर दें। इसके लिए क्या प्रावधान हैं।
उत्तर- पुलिस कार्रवाई करती है लेकिन जब तक परिवार अपने बच्चों पर नियंत्रण नहीं करता है, पुलिस भी कुछ नहीं कर सकती है। अगर कोई व्यक्ति शराब के नशे में हुड़दंग मचाता है जिससे अन्य लोगों को दिक्कत होती है तो उसपर कार्रवाई की जाती है।
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सवाल : विद्यार्थी अभिषेक शर्मा कहते हैं कि नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। अकसर बड़ी पहुंच वाले लोग ही नियमोंं की अवहेलना करते हैं। ऐसे लोगों से पुलिस कैसे निपटती है।
उत्तर : कानून सबके लिए एक समान है। कानून में अमीर गरीब का कोई भेद नहीं है। पुलिस भी संविधान के मुताबिक ही कार्य करती है।
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