हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल हमीरपुर में रेडियोग्राफी के उपकरण नहीं है। मरीजों को रेडियोग्राफी की सुविधा नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मरीजों को कीमोथैरेपी की सुविधा मरीजों को अस्पताल में दी जा रही है। कीमोथैरेपी के लिए कैंसर मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
रेडियोग्राफी दो प्रकार की होती है जिसमें डायग्नोस्टिक और थेराप्यूटिक। डायग्नोस्टिक रेडियोग्राफी में चोट, बीमारी और रोग का निदान करने के लिए मरीजों के शरीर के अंदरूनी हिस्सों की तस्वीरें ली जाती हैं। थेराप्यूटिक रेडियोग्राफी कैंसर के मरीजों के लिए होती है। कैंसर के इलाज से गुजर रहे मरीजों को रेडियोग्राफी देने के लिए थेराप्यूटिक रेडियोग्राफी की जाती है।
वहीं, कीमोथैरेपी एक सामान्य कैंसर उपचार है। इसमें कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने और ट्यूमर के विकास को रोकने के लिए दवाओं का उपयोग करता है। इसे अन्य कैंसर उपचारों जैसे विकिरण चिकित्सा या सर्जरी के साथ जोड़ा जा सकता है। वहीं, रेडियोग्राफी भी कैंसर के मरीजों की इलाज करने की पद्धति है। इसमें चिकित्सक मरीज के कैंसर के स्तर को देखकर निर्धारित करते हैं और फिर इलाज किया जा सकता है।
हमीरपुर में कैंसर के मरीजों को रेडियोग्राफी की सुविधा नहीं मिल रही, क्योंकि यहां पर रेडियोग्राफी के उपकरण नहीं है। हालांकि इन मरीजों को कीमोथैरेपी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। तीमारदारों दिलीप, सुषमा, त्रिवेणी, आनंद, रीना आदि ने कहा कि अगर अस्पताल में रेडियोग्राफी की सुविधा भी मिल जाती है तो मरीजों को खासी सुविधा मिल जाएगी।
उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि कीमोथैरेपी की सुविधा अस्पताल में मरीजों को मिलती है।