नगर निगम हमीरपुर के तहत मुख्य बाजार में एक दुकान की छत से सड़क पर गिराया गया पानी का पानी। संवा
- फोटो : स्वयं
हमीरपुर। जिला मुख्यालय में नगर निगम के कायदे फाइलों में बंद है और भवनों में डाऊन पाइप न होने से पानी सीधा सड़कों पर बह रहा है। यहां पर डाऊन पाइप की नगर निगम की व्यवस्था जमीनी स्तर पर पानी में ही है। शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए घरों की छतों से पानी का सही प्रबंध न होने के चलते यह सीधा सड़कों पर गिर रहा है। भवनों की छतों से पानी की निकासी के लिए डाउन पाइपें न डालने के कारण जहां राहगीरों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं वहीं सड़कों की टारिंग भी उखड़ना शुरू हो गई है। नगर परिषद हमीरपुर को नगर निगम का दर्जा मिल गया है लेकिन यह दर्जा भी सालों पुरानी समस्याओं और अव्यवस्थाओं का समाधान नहीं बन पाया है।
शहर में बाजार में हर तरफ छतों से गिर रहा पानी लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। नगर निगम की ओर से कार्रवाई न किए जाने के कारण भवन मालिकों के हौंसले बुलंद हैं। शहर में अधिकांश लोगों ने सड़कों पर पानी सीधा फेंका हुआ है। बारिश के दौरान सबसे अधिक परेशानी लोगों को उठानी पड़ती है। नियमों के अनुसार बारिश के पानी की निकासी के डाउन पाइप बिछाना जरूरी है ताकि पानी सड़क पर सीधा पड़ने की स्थान पर नालियों में जाए।
नगर निगम हमीरपुर के तहत मेडिकल कॉलेज से भोटा चौक की ओर जाने वाले रास्ते पर, डाकघर के समीप, गांधी चौक से टाउन हॉल तक यही हाल है। नगर निगम के अधिकारी कार्रवाई करने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर यह दावे मात्र फाइलों में ही दफन नजर आ रहे है। नगर निगम के अधिकारी शिकायत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अधिकारियों की मानें तो नियमों के अनुसार पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध न करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन सवाल यह है कि अगर नोटिस जारी किए गए हैं तो फिर उनके ऊपर कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
कोट
नगर निगम के तहत लोगों को नियमों के अनुसार पानी की निकासी का उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में शिकायत आई थी। लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। अगर किसी ने पानी की निकासी का सही प्रबंध नहीं किया गया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -राम प्रसाद, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर।