हमीरपुर। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर और मेहनत के दम पर परिवार की आर्थिकी मजबूत कर रही हैं। झनियारी गांव की अनीता ने घर पर लघु डेयरी फार्म शुरू कर न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी है बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी मिसाल पेश की है।
अनीता ने डेयरी फार्म में दो गायें रखी हैं। इसके साथ ही उन्होंने घर पर दुग्ध उत्पाद और जैविक खाद तैयार करने का काम शुरू किया। इससे वह हर महीने 10 से 12 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। अब वह स्थानीय दुकानों तक नियमित रूप से दुग्ध उत्पादों की सप्लाई भी कर रही हैं।
अनीता का परिवार पहले खेती और पशुपालन पर निर्भर था लेकिन सीमित आय के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उन्होंने दूध से बनने वाले उत्पाद तैयार कर बेचने का निर्णय लिया। शुरुआत में उन्होंने घर पर घी, पनीर, दही और मठ्ठा बनाकर आसपास के लोगों को बेचना शुरू किया।
उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद बेहतर होने के कारण मांग लगातार बढ़ती गई। इसके बाद उन्होंने स्थानीय दुकानों में भी अपने उत्पाद पहुंचाने शुरू कर दिए। आज गांव और आसपास के बाजारों की कई दुकानों में उनके दुग्ध उत्पाद नियमित रूप से पहुंच रहे हैं।
अनीता ने घर पर गायों के लिए चोकर तैयार करने को आटा चक्की मशीन भी लगाई है। इससे वह चोकर के साथ मोटे अनाज का आटा पीसकर अतिरिक्त आय भी कमा रही हैं।