रंगस(हमीरपुर)। ब्यास का पानी जल्द ही नादौन के लोगों की प्यास बुझाएगा। उपमंडल नादौन के अंतर्गत ब्यास नदी पर कोहला में प्रस्तावित पेयजल परियोजना का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है।
विभाग के अनुसार यह परियोजना अगले एक माह के भीतर पूर्ण होने की संभावना है, जिससे नादौन क्षेत्र के लोगों को गर्मियों में पेयजल की किल्लत नहीं सताएगी।
दो चरणों में तैयार की जा रही इस परियोजना के प्रथम चरण में जल शक्ति विभाग ने कोहला से रंगस तक का कार्य पूरा कर लिया है। वहीं, दूसरे चरण में धनेटा तक पाइपलाइन बिछाने के साथ पेयजल आपूर्ति की सफल टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई है।
विभाग की ओर से अब जल भंडारण टैंकों तक सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मशीनरी स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर जल शक्ति विभाग लगभग 219 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
गौरतलब है कि धनेटा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के कारण परियोजना का निर्माण लंबे समय तक प्रभावित रहा। भूमि विवाद के चलते निर्माण आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
बीते माह विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और निशानदेही करवाई, जिसके बाद वर्षों पुराना विवाद सुलझ गया। अब परियोजना का निर्माण तेजी से अंतिम चरणों में पहुंच चुका है।
कोट
परियोजना के तहत पाइपलाइन डालने का कार्य पूर्ण कर पेयजल सप्लाई की सफल टेस्टिंग की जा रही है। अब धनेटा से जल भंडारण टैंक तक सप्लाई के लिए उपयोग में लाई जाने वाली नई मशीनरी स्थापित की जा रही है।
-नीरज सिंह वैद्य, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग, धनेटा उपमंडल
परियोजना का मुख्य उदेश्य
धनेटा में पेयजल संकट का समाधान करने के लिए जल शक्ति विभाग की ओर से ब्यास नदी पर कोहला में लाखों लीटर क्षमता का एक जल शोध संयंत्र स्थापित किया गया है, परियोजना के तहत शुद्ध किया जल धनेटा और रंगस में पहुंचेगा। प्रथम चरण में रंगस और द्वितीय चरण में धनेटा क्षेत्र की सभी जल परियोजनाओं की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है।