बड़सर में पेयजल योजना का प्रारूप बनकर तैयार
विस क्षेत्र बड़सर में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का होगा स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़सर दौरे के दौरान किया था योजना का भूमि पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी(हमीरपुर)। विधानसभा क्षेत्र बड़सर में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए 132 करोड़ की अनुमानित लागत से प्रस्तावित पेयजल योजना की औपचारिकताएं अभी पूरी नहीं हो पाई हैं। परियोजना के अंतर्गत गोबिंद सागर झील से पानी उठाकर बड़सर के चंबेह में टैंकों का निर्माण कर इसे एकत्रित करने की योजना है। इसका निर्माण कार्य की दस्तावेज प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विभाग की मानें तो इस परियोजना की ड्राइंग और टेंडर और सभी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। सिर्फ सामग्री की खरीद के लिए कीमत संबंधी प्रक्रिया शेष बची है। इसके लिए आगामी सप्ताह में बैठक होना सुनिश्चित की गई है। इस योजना पर लगभग 132 करोड़ रुपये खर्च आएगा और इस योजना का शिलान्यास तथा भूमि पूजन भी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 24 जनवरी को बड़सर दौरे के दौरान किया था। बड़सर में गर्मियों में पेयजल आपूर्ति करना जलशक्ति विभाग के लिए आफत बन जाता है और कई गांवों में तो पानी की आपूर्ति टैंकों के माध्यम से करनी पड़ती है। लोगों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस योजना को जल्द से जल्द शुरू करवाया जाए ताकि लोगों को आने वाली गर्मियों में पेयजल संकट से राहत मिल सके। इस संदर्भ में जल शक्ति विभाग बड़सर के अधिशाषी अभियंता देव राज चौहान ने कहा कि इस बार गर्मियों में लोगों को सुचारु रूप से पेयजल उपलब्ध करवाने के पूरे इंतजाम किए गए हैं और सतलुज पेयजल उठाऊ योजना के निर्माण के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और जो शेष बची हैं, उन को जल्द ही पूरा कर लिया।