हमीरपुर। लगभग डेढ़ वर्ष पहले हमीरपुर को नगर निगम की सौगात मिल गई है, लेकिन जनता को अपने नुमाइंदे नहीं मिल सके हैं। शहरी विकास विभाग की चुनावी प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने के हालिया निर्देंशों से शहरी मतदाताओं को अपने जनप्रतिनिधि चुनने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
शहरी विकास विभाग के नए निर्देशों ने चुनावी प्रक्रिया पर फिलहाल ''ब्रेक'' लगा दिया है। अब नगर निगम हमीरपुर सहित अन्य नवगठित निकायों में चुनाव इस साल के अंत तक होने के कयास लगाए जा रहे है। प्रदेश में नए नगर निगम के गठन के बाद विधानसभा में विधयेक लाकर चुनाव करवाने की अवधि में भी बदलाव किया गया था। उस निर्णय के तहत ही सरकार नवगगठित अथवा पुनर्गठित निकायों में चुनाव को फिलहाल टाल रही है।
हमीरपुर नगर निगम पिछले डेढ़ वर्ष से बिना निर्वाचित प्रतिनिधियों के चल रहा है, जिससे जनता का छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जिले में कुल छह नगर निकाय हैं, जिनमें से चार नवगठित और पुनर्गठित हैं।
ताजा स्थिति यह है कि नगर निगम हमीरपुर, नगर परिषद नादौन, नगर पंचायत भोरंज और बड़सर में चुनावी प्रक्रिया लटकती नजर आ रही है। प्रशासनिक स्तर पर नगर परिषद सुजानपुर और नगर पंचायत भोटा में वार्डों का आरक्षण तय कर लिया गया है, लेकिन अन्य निकायों में प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
हालांकि प्रशासन की ओर से नगर निगम, परिषद और नगर पंचायतों में वार्डबंदी समेत अन्य चुनावी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, लेकिन सरकार से हरी झंडी न मिलने से फिलहाल चुनावी प्रक्रिया आरक्षण तय करने से पहले ही थम गई है।
कोट
सरकार की ओर से शहरी विकास विभाग के कुछ नए दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसी कारण नवगठित निकायों सहित अन्य में चुनावी प्रक्रिया को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। आगामी आदेशों के बाद ही चुनावी शेड्यूल और आरक्षण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
-गंधर्वा राठौर, उपायुक्त, हमीरपुर