हमीरपुर। जिला कारागार हमीरपुर में प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। पांचवीं गिरफ्तारी के आरोपी की पहचान अभिनव ठाकुर उर्फ गैंती निवासी प्रतापनगर के रूप में हुई है।
जांच में उसका राजेश उर्फ राका से पुराना कनेक्शन सामने आया है। दोनों पहले एनडीपीएस मामलों में आरोपी रह चुके हैं। दोनों एक साथ जेल में भी रहे हैं। इनके साथ पंजाब का नामी तस्कर बलविंदर भी जेल में रह चुका है। अब पुलिस इनके पुराने संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है।
मामला 15 जुलाई का है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने एल्युमीनियम फॉइल में लिपटा पैकेट परिसर में फेंका था। इसमें करीब 1.5 ग्राम चिट्टा, दो मोबाइल फोन, नशीले कैप्सूल व दवाइयां, बीड़ी, लाइटर और नकदी मिली थी।
सामान कैदियों तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया। जांच में जेल में बंद शुभकरण, हीरा मुखी और नाज मोहम्मद के नाम सामने आए। इसके बाद राजेश उर्फ राका की भूमिका सामने आई।
अब अभिनव का नाम सामने आने से जांच की दिशा और अहम हो गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि जेल के भीतर से बाहर और बाहर से जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए पुराने संपर्कों का इस्तेमाल किया गया या नहीं।
25 ग्राम चिट्टा मामले से भी जुड़े तार
अभिनव ठाकुर उर्फ गैंती से अप्रैल 2025 में प्रतापनगर से 25 ग्राम चिट्टा और नशीली दवाइयां बरामद की गई थीं। इस मामले की जांच में पंजाब के फिरोजपुर निवासी बलविंदर समेत अन्य आरोपियों से उसके संपर्क की जानकारी सामने आई थी। बलविंदर के खिलाफ पंजाब में नशा तस्करी के कई मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई थी। अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि जेल में साथ रहने के दौरान इन आरोपियों के बीच संपर्क कितना मजबूत हुआ। कहीं इन्हीं पुराने संपर्कों का इस्तेमाल मौजूदा मामले में तो नहीं किया गया।
बलविंदर की फॉर्च्यूनर समेत तीन गाड़ियां हुईं थीं जब्त
25 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में पुलिस ने बलविंदर से जुड़ी दो फॉर्च्यूनर समेत तीन महंगी गाड़ियां जब्त की थीं। जांच में इन गाड़ियों के चिट्टे की सप्लाई में इस्तेमाल होने की बात सामने आई थी। तीसरी गाड़ी अभिनव के दोस्त की थी। पुलिस के अनुसार इस गाड़ी का इस्तेमाल अभिनव ने किया था।
पहले भी जेल में पहुंचाया था सामान?
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क के जरिए पहले भी जेल में प्रतिबंधित सामान पहुंचाया गया था। राजेश, अभिनव और बलविंदर का अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में आरोपी होना और जेल में साथ रहना जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस जेल के भीतर और बाहर आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
कोट
पुलिस हर कड़ी को जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है। चिट्टा तस्करी पर जीरो टॉलरेंस के साथ कार्य किया जा रहा है।
-बलवीर ठाकुर, एसपी हमीरपुर