कांगू/नादौन(हमीरपुर)। एक वर्ष बाद भी सिविल अस्पताल नादौन में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद नहीं भर पाया है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को चमड़ी से संबंधित विकारों का उपचार करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर सहित दूर दराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है।
इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। तीन जिलों की सीमा के साथ सटे नादौन अस्पताल में प्रतिदिन 200 के करीब ओपीडी है। यहां पर मरीज विभिन्न बीमारियों का उपचार करवाने पहुंचते हैं, लेकिन चर्म रोग विशेषज्ञ के न होने से उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में राकेश, सुमन, प्रतीम, वेद प्रकाश, हेमराज, बलवंत आदि ने कहा कि सर्दियों के मौसम में शुष्क हवा के कारण अक्सर त्वचा के रुखे होने और नमी कम होने से खुजली और अन्य चमड़ी से संबंधित समस्याओं में बढ़ोतरी होती है।
ऐसे में मरीजों को अस्पताल में उपचार न मिलने के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि रिक्त पद को भरने के लिए कईं बार मांग कर चुके हैं, लेकिन विभाग की ओर से रिक्त पद को भरने में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इस बारे में बीएमओ नादौन केके शर्मा ने कहा कि नादौन अस्पताल में चर्म रोग चिकित्सक के रिक्त पद को भरने के लिए सरकार को अवगत करवाया गया है।
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अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ को होना अति अनिवार्य है। अस्पताल में तीन जिलों के लोग अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं। इसके चलते विशेषज्ञ का होना जरूरी है।
-बलविंदर कुमार
अस्पताल में पिछले एक वर्ष से चर्म रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। लोगों को चर्म रोग से संबंधित विकारों का उपचार करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-अनीश परमार
अस्पताल के लिए चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए कई बार सरकार को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन एक वर्ष बाद भी अस्पताल में रिक्त पद को नहीं भरा गया है।
-तरुण कपिल, पूर्व प्रधान, नपं नादौन
सर्दियों के मौसम से शुष्क ठंड के कारण अकसर चर्म के विकारों में अधिक मामले सामने आते हैं। ऐसे में सरकार को शीघ्र अस्पताल में विशेषज्ञ की नियुक्ति करनी चाहिए।
-सुनील शर्मा
अनीश परमार। संवाद
अनीश परमार। संवाद
अनीश परमार। संवाद