अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। शिक्षा विभाग के निरीक्षण विंग ने शनिवार को उपमंडल सुजानपुर के आधा दर्जन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला पाठशाला जंदडू में एक ही अध्यापक है। लेकिन शनिवार को वह भी स्कूल में नहीं मिले।
पांचवीं कक्षा में केवल दो विद्यार्थी हैं। अध्यापक स्कूल को यहां चपरासी के सहारे छोड़ गया था। केंद्र के मुख्य शिक्षक से पूछताछ में पता चला कि वह जंदडू से 25 किलोमीटर दूर राजकीय प्राथमिक पाठशाला धबड़ियाना में हुआ है। सोमवार से प्राथमिक पाठशालाओं की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसके चलते जंदडू स्कूल का शिक्षक धबड़ियाना गया था। वहीं, निरीक्षण विंग के उपनिदेशक ने पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले दोनों विद्यार्थियों से अंग्रेजी और अन्य विषयों से संबंधित सवाल पूछे। दोनों बच्चे ए, बी, सी तक नहीं बोल पाए। उपनिदेशक ने इस बारे में रिपोर्ट बनाकर निरीक्षण विंग के संयुक्त निदेशक को भेज दी है। इसके साथ ही उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जंदडू और बनालग स्कूल का निरीक्षण भी किया। जहां पर प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। उधर, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक जगदीश कौशल ने कहा कि उन्होंने शनिवार को प्राथमिक और सीनियर सेकेंडरी स्कूल जंदडू और बनालग स्कूल का निरीक्षण किया।
प्राइमरी स्कूल जंदडू में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले दो विद्यार्थी और एक चपरासी मौके पर मिला। जबकि अध्यापक स्कूल में नहीं मिला। विद्यार्थी भी कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए। जिन स्कूलों में एक ही अध्यापक है, वहां पर प्रश्नपत्र भेजने की व्यवस्था सीएचटी को करनी चाहिए। उधर, धबड़ियाना स्कूल के कार्यकारी सीएचटी रणजीत सिंह रणौत ने कहा कि संबंधित स्कूल का अध्यापक प्रश्नपत्र लेने गया हुआ था। विद्यार्थियों की खराब परफोरमेंस के बारे में स्कूल अध्यापक से बात होगी।