हमीरपुर। जिला मुख्यालय से 500 मीटर की दूरी पर स्थित महाराणा प्रताप पार्क में अव्यवस्थाओं का माहौल है। एक वर्ष के भीतर ही पार्क में लाखों रुपये की लागत से स्थापित महाराणा प्रताप की मूर्ति का पेंट व शब्दावली उखड़ गए हैं।
पार्क में लोगों की सुविधा के लिए स्थापित दुकान और मोबाइल शौचालयों का प्रयोग नहीं हो पाया है। ऐसे में पार्क में सैर करने आने वाले बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम की ओर से बीते वर्ष ही पार्क का सौंदर्यीकरण कार्य करवाया गया है, लेकिन एक वर्ष के भीतर पार्क में अव्यवस्थाएं विभागीय कार्यप्रणाली और सामग्री की गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह लगा रही हैं।
कार्य के साथ पार्क में रखरखाव और संचालन के लिए बकायदा चौकीदार नियुक्त किया गया है, ताकि पार्क में स्थापित सभी वस्तुओं की समय-समय पर देखभाल हो सके, लेकिन धरातल पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं।
शहरवासियों में बलदेव, कमलेश कुमारी, बबली, आशीष, रमेश, नीलम, आदि ने कहा कि निगम की ओर से लाखों रुपये खर्च कर पार्क का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य करवाया गया है, लेकिन पार्क में समय पर मरम्मत व देखरेख न होने से पार्क बदहाली का शिकार हो रहा है। पूर्व में पार्क में गिरे पेड़ को एक माह बाद हटाया गया और अब पार्क में मौजूद चीजों की देखरेख में लापरवाही बरती जा रही है।
मुख्यालय के साथ स्थित होने के कारण पार्क में प्रतिदिन सैकड़ों लोग सैर और ओपन एयर जिम में कसरत करने के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने निगम से पार्क का जीर्णोद्धार कार्य समय पर करवाने की मांग की है, ताकि लोगों को पार्क में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कोट
पार्क का निरीक्षण करने के लिए कर्मचारियों को मौका पर भेजा जाएगा। दुकान के संचालन के लिए शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करवाई जाएगी। इसके बाद लोगों को पार्क में खाद्य पदार्थ लेने की सुविधा मिलेगी। बारिश से मूर्ति के बचाव के लिए कार्य किया जाएगा।
-राम प्रसाद, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम, हमीरपुर
महाराणा प्रताप पार्क में मोबाइल शौचालयों पर लटके ताले। संवाद
महाराणा प्रताप पार्क में मोबाइल शौचालयों पर लटके ताले। संवाद
महाराणा प्रताप पार्क में मोबाइल शौचालयों पर लटके ताले। संवाद